मेरठ। क्षेत्र मेें अक्सर नई सड़क निर्माण के कुछ दिन बाद जर्जर होने व पर्याप्त निर्माण सामग्री न लगने के मामले सामने आते हैं। ये वही सड़क होती हैं जो भ्रष्टाचार के खाद-पानी से तैयार होती हैं। ये पहला मामला नहीं जब किसी ठेकेदार से बिल भुगतान के लिए रिश्वत मांगी गई हो। लेकिन सभी ठेकेदार पुनीत सिंघल जैसी सूझबूझ व साहस नहीं दिखा पाते। अगर अन्य ठेकेदार भी रिश्वतखोरी के खिलाफ कदम उठाएं तो या तो आरोपी अफसर जेल में होंगे या फिर भ्रष्टाचार पर नकेल कस जाएगी।
अवर अभियंता धीरज ने 5.45 लाख के बिल भुगतान के लिए ठेकेदार पुनीत सिंघल से रिश्वत न होने पर अपने कार्यालय के कई चक्कर लगवाए। लेकिन पुनीत सिंघल ने अवर अभियंता को रिश्वत नहीं दी। क्योंकि जो ठेकेदार धीरज जैसे आरोपियों की बातों में आकर रिश्वत देकर अपने काम कराते हैं। वह निर्माण कार्य में धांधली करते हैं। इससे उनके द्वारा तैयार की गईं सड़कें कई बार निर्माण के बाद ही टूटने लगती हैं। लेकिन धीरज बिना पैसे लिए ठेकेदार पुनीत सिंघल फाइल आगे बढ़ाने को तैयार नहीं हुआ। ठेकेदार ने अवर अभियंता को सबक सिखाने की ठान ली। ठेकेदार ने एंटी करप्शन में शिकायत कर दी। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए जाल बिछाकर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
फोन और व्हाट्सएप पर मैसेज कर मांगे पैसे
पुनीत सिंघल ने बताया कि आरोपी जेई ने उनसे फोन कर पैसे की मांग की। इसके बाद व्हाट्सएप पर भी मेसेज भेजे। जिस पर उन्होंने 13 जुलाई को एंटी करप्शन में शिकायत कर दी। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ जाल बिछाया।
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प्रधानमंत्री सड़क योजना का काम देखता है जेई
आरईएस के अधिशासी अभियंता योगेंद्र नारायण चौधरी ने बताया कि अवर अभियंता धीरज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का कार्य देखते थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम के दो सदस्य कार्यालय में आए थे। ठेकेदार के भुगतान की फाइल के बारे में जानकारी मांगी थी। अवर अभियंता के निलंबन के लिए लखनऊ मुख्यालय पत्र भेजा जा रहा है।
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एक अन्य अधिकारी पर भी लगाए आरोप
पुनीत सिंघल ने आरईएस कार्यालय के एक और अधिकारी पर भी आरोप लगाए हैं। आरोप है कि यह अधिकारी गौतमबुद्धनगर में भ्रष्टाचार के मामले में फंसा था। उसके खिलाफ विजिलैंस की जांच चल रही है। कुछ दिन पहले वह गौतमबुद्धनगर से तबादले के बाद मेरठ आया है। मेरठ आकर वह फिर से भ्रष्टाचार में लिप्त हो गया है।
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सरकारी विभागों में पूर्व में रिश्वत लेते पकड़े गए
27 जून 2024 सरूरपुर में तैनात प्रशिक्षु दरोगा 20 हजार की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार।
10 अप्रैल 2024 को विद्युत निगम का जेई 15 हजार की रिश्वत लेते हुए किया गया गिरफ्तार।
19 फरवरी 2024 नगर निगम के कर्मचारी 1.50 लाख की रिश्वते लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार।
19 जनवरी 2024 समाज कल्याण विभाग का सुपरवाइजर 75 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार।