शामली। जनपद में केंद्र सरकार की अमृत सरोवर मिशन योजना को पलीता लगाया जा रहा है। यहां अमृत सरोवर योजना सवालों के घेरे में है। जनपद में अमृत सरोवर के तहत विकसित तालाब के तटबंधाें पर न तो इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ और न ही बैठने के लिए सीमेंट के बेंच बनाए गए हैं। ज्यादातर तालाबों में गंदा पानी भरा है या फिर गंदगी अटी पड़ी है। जबकि इन सरोवरों में गांव का गंदा पानी नहीं डालने के निर्देश है। वहीं चारों ओर कोई पेड़ पौधे भी नहीं लगाए गए हैं। जिसे लेकर अमर उजाला ने पड़ताल की तो ज्यादातर गांव में अव्यवस्था देखने को मिली।
- स्थान : शामली का गांव गोहरनी
गांव गोहरनी के अमृत सरोवर में चारों ओर न कोई पेड़ है और न ही चारों ओर इंटरलॉकिंग लगी है। चारों ओर गंदगी पड़ी और उपले रखे हुए हैं। गंदगी से बुरा हाल है। बैठने के लिए कोई बेंच नहीं है और न ही झंडारोहण का स्थान बना है। सिंभालका में सरोवर में गंदा पानी जा रहा है। गंदगी से अटा पड़ा है। वहीं शामली के रेलपार कॉलोनी के पास बने सरोवर में गंदगी और बिटौड़ा बना हुआ है।
- स्थान : ऊन
गांव बेहड़ा में स्थित अमृत सरोवर तो बनकर तैयार है, लेकिन सूखा पड़ा है। ग्राम पंचायत भमेड़ी शाहपुर के गांव बेहड़ा में अमृत सरोवर तो बना दिया गया है, लेकिन बिना पानी सूखा पड़ा हुआ है।
- मिशन अमृत सरोवर योजना में हो रही नियमों की अनदेखी
- स्थान कांधला : गांव चढ़ाव में मंदिर के समीप बना सरोवर में चारों ओर झाड़ियां खड़ी हैं, गांव का गंदा पानी सरोवर में जा रहा है। वहीं पौधे भी नहीं लगाए गए हैं।
- स्थान झिंझाना : गांव रजाक नगर के सरोवर में गांव का गंदा पानी जा रहा है। गांव वेदखेड़ी में पेड़ लगाए गए थे, सभी सूखे पड़े हैं। गांव जमालपुर में भी गांव का गंदा पानी सरोवर के अंदर जा रहा है।
- इन्होंने कहा
शामली ब्लाॅक में पूर्व में 24 गांव में अमृत सरोवर बनाए जाने थे, कुछ बनकर तैयार हो चुके हैं और कुछ में कार्य चल रहा है। सभी की जांच कराई जाएगी। जिसमें भी मानक के अनुसार खामियां है दूर कराई जाएगी। पुनीत कुमार, बीडीओ शामली।
जिले में 92 अमृत सरोवर तालाब है। सूखे तालाबों में पानी भरने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिन तालाबों में बारिश का पानी जा सकता है, उसे सुनिश्चित करने को कहा गया है। जल्द ही जिले में 16 अन्य तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। प्रयास रहेगा कि अमृत तालाबों की खामियों को दूर किया जाए। ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - विनय कुमार तिवारी, सीडीओ शामली