हस्तिनापुर। साहित्यिक सामाजिक पत्रिका मौन मुखर के तत्वावधान में मौन मुखर महोत्सव मनाया गया। जिसमें राष्ट्र के अमर शहीदों एवं जांबाज सैनिकों को समर्पित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि मोहित संगम ने काव्य पाठ करते हुए कहा वो संतान होगी कायरों की, जो केवल वरदान मांगती है। वीरों का इतिहास कहता यह धरती बलिदान मांगती है।
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी एवं उद्योगपति तथा पत्रिका के संरक्षक रामकुमार गुप्ता ने की। संचालन नीता दुबलिश व कवि मनवीर मधुर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में मां शारदे व शहीदों के चित्रों के सम्मुख पत्रिका के अध्यक्ष अनुराग दुबलिश, प्राचार्या शक्ति साहनी, ब्लॉक प्रमुख पति डा. योगेश प्रधान, हस्तिनापुर ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथि मदन पाल सिंह यादव, नगर पंचायत चेयरमैन फलावदा अशोक सैनी, श्यामलाल गुप्ता, विवेक सिंधु रहे। मां शारदे की वंदना कवि मोहित संगम ने की।
हास्य कवि रामबाबू सिकरवार ने कहा जो वतन की खातिर मिटे उनको सलाम है, जांबाज सैनिकों को प्रणाम है। मथुरा से आए कवि मनवीर मधुर ने पढ़ा उसे झाड़ दिया हमने, साहस इतना अंतरिक्ष का सीना फाड़ दिया हमने। अलीगढ़ से प्रसिद्ध कवयित्री मुमताज नसीम ने कहा आज इकरार कर लिया हमने, खुद को बीमार कर लिया हमने, अब तो लगता है जान जाएगी, तुमसे जो प्यार कर लिया हमने।
कार्यक्रम संयोजक गीतकार पत्रिका मौन मुखर के संपादक कवि संजीव भ्रमर ने पढ़ा हम अपने मौन से भी बात का इजहार करते हैं। खड़े रहते हैं अनबोले बहुत इसरार करते हैं। वरिष्ठ कवि विजेंद्र परवाज बलवीर सिंह खिचड़ी, सबरस मोरसानी, कार्यक्रम के सहसंयोजक यशपाल फक्कड़ ने भी काव्य पाठ किया। अमर शहीद मेजर जगदीश पाल करीमपुर के सुपुत्र जितेंद्र पाल सिंह को शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न भेंट किया।