मेरठ। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता थाने में परिवार के साथ तीन घंटे तक बैठकर कार्रवाई की गुहार लगाती रही लेकिन किसी पुलिसकर्मी ने वहां उसकी नहीं सुनी। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कह दी। देर रात तक भी इस मामले मे मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिसकर्मियों ने इस मामले की जानकारी अधिकारियों को भी देना मुनासिब नहीं समझा। जबकि इसी तरह के मामले में लोहिया नगर की छात्रा ने खुदकुशी कर जान गंवा दी थी।
तहरीर में पीड़िता किशोरी ने बताया कि आरोपी उसकी हत्या कर इस घटना को छिपाना चाहते हैं। जिसके चलते उसे खुद की जान का खतरा बना है। उसके परिवार के लोग भी डरे हुए हैं। किशोरी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दो साल से ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का शिकार होने के बावजूद पीड़िता जैसे तैसे आरोपियों पर कार्रवाई की हिम्मत जुटा पाई है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना पुलिस का कहना था कि तहरीर देने के बाद बयान देने के लिए पीड़िता को बुलाया गया लेकिन वह दोबार नहीं आई। लेकिन सवाल उठता है जब पीड़िता थाने में बैठी रही तब बयान दर्ज क्यों नहीं किए गए।
इन्होंने कहा...
मेरी जानकारी में अभी यह मामला नहीं आया है। मैं वीआईपी डयूटी में अलीगढ़ गई हुई थी। इस गंभीर मामले में मैं मंगलवार को मेरठ पहुंचकर जांच करके कार्रवाई करूंगी।
नवीना शुक्ला
सीओ सदर देहात