प्रदेश में योगी सरकार बनते ही अवैध बूचड़ खाने और बगैर लाइसेंस के संचालित मीट की दुकानों पर प्रशासन का डंडा चल रहा है। शहर की 150 से अधिक मीट की दुकानों के शटर बंद हो चुके हैं। मीट का कारोबार करने वाले लोगों ने दूसरे रोजगार तलाशने शुरू कर दिए हैं। लालकुर्ती क्षेत्र के एक युवक ने मुर्गा बेचने की बजाय कप प्लेट बेचनी शुरू कर दी है। लालकुर्ती में स्काउट गाइड मंडलीय कार्यालय के निकट मुस्लिम युवक शावाब काफी समय से सड़क किनारे मीट बेचने का काम करता था। इसके पास छावनी परिषद या नगर निगम से मीट बेचने का लाइसेंस नहीं था। तीन दिन पहले ही पुलिस ने उसको मीट का कारोबार बंद करने की चेतावनी दी। उसी दिन से उसने अपना रोजगार बदलने का इरादा बना लिया। शावाब ने बताया कि परिवार का पालन करने के लिए रोजगार की जरूरत थी। तीन दिन से वह कप प्लेट आदि बेच रहा है।