मेरठ। गुरुद्वारा कंकरखेड़ा में प्रसिद्ध रागी भाई जगमीत सिंह मीत ने गुरबाणी का मनोहारी गायन कर संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि दुनियावी रंग कुछ समय बाद फीके पड़ जाते हैं लेकिन परमात्मा के नाम का रंग हृदय पर चढ़ जाए तो कभी नहीं उतरता। इस दौरान संगत को नाम सिमरन के लिए प्रेरित किया गया। समागम में मुख्य संरक्षक सेवादारों, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। महानगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि 23 सितंबर को गुरुद्वारा सूरजकुंड में सुबह 11:30 से दोपहर एक बजे तक अमृतरस कीर्तन समागम होगा। उन्होंने संगत से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। ब्यूरो