कंकरखेड़ा (मेरठ)। क्षेत्र में एक किसान के भिंडी के खेत में मिला कटा हुआ पंजा जिंदा महिला सुनीता का था। सुनीता एक फैक्टरी में काम करती है। यहां काम करते हुए उसका हाथ मशीन में आ गया था। परिजनों ने उपचार कराया तो इनफेक्शन के कारण पंजा काटना पड़ा। परिजनों ने यह पंजा यहां खेत में दबा दिया था। शनिवार को थाने पर पहुंचे परिजनों ने यह जानकारी दी।
कंकरखेड़ा में शुक्रवार सुबह भिंडी के खेत में यह पंजा मिला था। इसका पता चलने पर थाना पुलिस, फॉरेंसिक व डॉग स्क्वाॅड की टीम पहुंची थी। शनिवार को कुछ लोग थाने पहुंचे। इनमें शामिल लिसाड़ी गांव के युवक कुंवरपाल ने पुलिस को बताया कि यह पंजा उसकी बहन सुनीता का है। बहन अपने पति के साथ दिल्ली की एक फैक्टरी में काम करती है। बृहस्पतिवार सुबह काम के दौरान सुनीता का हाथ मशीन में आ गया था। उसकी बहन की हालत गंभीर हो गई थी। इसके बाद उसने अपनी बहन और जीजा को फोन कर मेरठ बुला लिया था। उसने बताया कि वह टीपीनगर में एक अस्पताल में काम करता है। यहां उसने बहन का उपचार कराया था। ऑपरेशन के दौरान बताया गया कि पंजे में इंफेक्शन फैल गया है। इसलिए पंजे को काटना पड़ेगा। काटे गए पंजे को दबाने के लिए वह सुरक्षित जगह देख रहे थे।
शुक्रवार रात वह खड़ोली गांव में पहुंचे और एक खेत के किनारे पर गड्ढा करके पंजा दबा दिया। थाना प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि अखबार में पंजे की खबर पढ़कर महिला का भाई और अन्य लोग थान पहुंचे थे। उनसे पता चला कि यह पंजा उनके परिवार की महिला का था।