रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी के चालू पेराई सत्र को एक माह बीत गया है। मगर, चीनी मिल ने किसानों को पिछले सत्र का बकाया गन्ना भुगतान भी नहीं कर पाई है। अभी पिछले पेराई सत्र का करीब 120 करोड़ रुपया बकाया है। मिल में 31 अक्तूूबर को नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री के तमाम दावों के बावजूद भी मिल संपूर्ण भुगतान नहीं कर पाई है। अब तक के पेराई काल में 28 लाख 22 हजार 500 क्विंटल गन्ना पेराई करते हुए 10.63 की औसत रिकवरी पर दो लाख 85 हजार 110 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। चीनी मिल द्वारा किसानों की पर्चियों पर गन्ने का दाम भी नहीं लिखा जा रहा है। एक माह की पेराई में ही मिल पर पिछले दाम के अनुसार लगभग 91 करोड़ का भुगतान बकाया हो गया है। गन्ना महाप्रबंधक राजकुमार टाया के मुताबिक मिल करीब एक लाख दस हजार क्विंटल प्रतिदिन की पेराई क्षमता से चल रहा है। यूनिट हेड केपी सिंह के मुताबिक सरकार ने चीनी बिक्री का मासिक कोटा बढ़ाया है। इससे किसानों को जल्द बकाया भुगतान अदा कर दिया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित चीनी बिक्री के आधार पर ही नियमित रूप से भुगतान प्रशासन को भेजा जा रहा है। वहीं, सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के सचिव श्रीपाल सिंह के मुताबिक स्टॉक की चीनी बेचकर नियमानुसार किसानों को 85 फीसदी धनराशि का भुगतान कर रही हैं। ब्याज भुगतान पर निर्णय सरकार के स्तर से लिया जाएगा।