-ग्रामीणों का आरोप, हैंडपंप से निकलने वाला दूषित पानी लोगों को बांट रहा बीमारियां
फोटो छह की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। मौजिजाबाद नांगल में बनी पेयजल टंकी पिछले कई साल से बंद है और ग्रामीण स्वच्छ पेयजल को तरस रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण हैंडपंपों से निकलने वाला दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्णा नदी के कारण गांव का भूजल दूषित हो गया है, जिससे लोग बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।
कृष्णा नदी के किनारे बसे मौजिजाबाद नांगल की आबादी 12 हजार के आसपास है। इसके बावजूद ग्रामीणों को साफ पेयजल नहीं मिल रहा है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी पेयजल टंकी पिछले छह साल से बंद पड़ी है। लोग हैंडपंप और सबमर्सिबल से निकलने वाले दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि पेयजल टंकी चालू कराने के लिए कई बार अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। -
-अपंगता का दंश झेल रहा वासु शर्मा
ग्रामीणों ने बताया कि मौजिजाबाद नांगल गांव का भूजल दूषित होने के कारण ग्रामीण चर्म रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। इसके अलावा कई बच्चे अपंग पैदा हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि गांव का वासु शर्मा भी अपंग पैदा हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप से निकला हुआ पानी, जिस बर्तन में भरकर रख देते हैं तो थोड़ी देर बाद ही बर्तन भी पीला हो जाता है।
जल्द चालू कराई जाए पेयजल टंकी
टंकी बंद होने के कारण गामीणों की पेयजल व्यवस्था हैंडपंप या फिर सबमर्सिबल के सहारे है। पेयजल टंकी जल्द चालू कराई जाए, जिससे लोगों को साफ पेयजल मिल सके।
अशोक पंवार
ग्रामीणों को उठानी पड़ रही परेशानी
अधिकारियों की लापरवाही के कारण पेयजल टंकी बंद पड़ी हुई है, जिससे ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं। पेयजल टंक जल्द शुरू कराई जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
रामपाल डायरेक्टर
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वर्जन- छह साल पहले पेयजल टंकी का बोरिंग फेल हो गया था और उसकी समय सीमा भी समाप्त हो गई। इसके बाद टंकी चालू कराने के काफी प्रयास किए, लेकिन टंकी चालू नहीं हो सकी। अब हर घर जल योजना से पेयजल टंकी स्वीकृत हुई है, जिसका निर्माण होने से ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
बिजेंद्र सिंह, प्रधान।