अदालत से
- पिछले महीने गढ़ी देशराज गांव में आयुष ने कर ली थी आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर।
तितावी थाना क्षेत्र के गढ़ी देशराज गांव में आयुष को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी अंशिका उर्फ गरिमा का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र ने सुनवाई की।
गढ़ी देशराज गांव में आयुष ने पिछले महीने 25 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई इशांक ने शहर की एटूजेड कॉलोनी निवासी अंशिका उर्फ गरिमा और उसकी मां बबीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने आरोपी गरिमा को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। बचाव पक्ष की ओर से आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आयुष का सुसाइड नोट पेश किया गया। अदालत ने आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया है।
यह लगाया आरोप
वादी का कहना था कि उसके भाई आयुष और अंशिका के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पिछले करीब 12 साल से दोनों परिचित थे। आरोप लगाया कि शादी के नाम पर आयुष से रुपये लिए गए और मानसिक उत्पीड़न किया गया। शादी का झूठा झांसा दिया। मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर आर्थिक उत्पीड़न भी किया गया। इसी वजह से पीड़ित ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी।
मानसिक प्रताड़ना से आहत था पीड़ित
अदालत में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला भी अभियोजन पक्ष ने दिया। बताया कि आयुष ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयुष की मृत्यु का कारण फांसी लगने से दम घुटना बताया गया है। यह आत्महत्या अचानक नहीं, बल्कि लगातार मानसिक दबाव का परिणाम प्रतीत होती है। मामले में मृतक का यह कदम आरोपी की कथित प्रताड़ना से जुड़ा है।