मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शुक्रवार दोपहर पुलिस के सामने छात्रों ने फिर गुंडागर्दी कर दी। छात्रों के बीच विवि गेट के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं । इसमें छात्र बाल-बाल बच गए। इसके बाद छात्रों ने कैंपस में हंगामा कर दिया। दोपहर 12:15 से शाम 5:00 बजे तक कैंपस में तनातनी का माहौल रहा। इस घटना के चलते विवि पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को हटाया गया। एक पक्ष से विशाल, दक्ष पुरी सहित 10 छात्र और दूसरी तरफ से प्रदीप सहित आठ लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। तीसरा मुकदमा पुलिस ने दोनों पक्षों पर अपनी ओर से लिखा है। नामजद विशाल और दक्ष पुरी गिरफ्तार किए गए हैं।
विश्वविद्यालय में एक मार्च 2023 को अक्षय बैंसला ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रनेता हंस चौधरी पर जानलेवा हमला किया था। अक्षय बैंसला सहित छह छात्रों को मेडिकल पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि चार नामजद छात्र फरार हैं। हंस चौधरी कई दिन से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी व जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट लगाने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर 12:15 बजे विश्वविद्यालय में हंस चौधरी अपने साथी छात्र शुभम, तुषार समेत अन्य के साथ घूम रहे थे। इस दौरान अक्षय के साथी दक्ष पुरी और विशाल सहित बाहरी छात्र पहुंचे जो शहीदों की मूर्ति पर माल्यार्पण कर रहे थे।
आरोप है कि दक्ष पुरी कैंपस में छात्रों से पूछ रहे थे कि हंस चौधरी का कौन साथ दे रहा है। इसकी जानकारी लगने पर हंस ने विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया। प्रोक्टर बोर्ड के सदस्य डीके चौहान ने हंस चौधरी और उसके साथी छात्रों को लेकर बाहरी छात्रों की कैंपस में तलाश शुरू की। वह तलाश करते-करते विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। यहां दक्ष और विशाल अपने साथियों के साथ पहले से मौजूद थे। वहां पर मेडिकल थाने की पुलिस थी। छात्रों के दोनों गुट आमने-सामने आ गए। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के ऊपर कई राउंड गोलियां चला दी। हंस, उनके साथी और प्रॉक्टर बोर्ड के सदस्य डीके चौहान जान बचाकर कैंपस में अंदर घुस गए। जबकि दूसरा पक्ष वहां से आंबेडकर कॉलेज की ओर फरार हो गए।
कुलपति ऑफिस पर तालाबंदी कर किया हंगामा
फायरिंग के बाद हंस पक्ष से गुस्साए छात्रों ने कुलपति ऑफिस पर तालाबंदी कर हंगामा कर दिया। जानकारी लगते ही सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया और इंस्पेक्टर दिनेश उपाध्याय मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद छात्र माने, तब जाकर ताला खोला गया। छात्रों का कहना है कि लगातार गोलियां बरसाकर हमले हो रहे हैं। कुलपति संगीता शुक्ला ने एसएसपी को फोन कर फायरिंग होने की घटना पर नाराजगी जताई। सीओ सिविल लाइन ने विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश को हटा दिया।
तहरीर देने पहुंचे थाने, दोनों गिरफ्तार
हंस पक्ष से छात्र एकांश की तहरीर पर दक्ष पुरी और विशाल सहित दस छात्रों पर मुकदमा दर्ज हो गया। इसकी जानकारी लगने पर दक्ष और विकास भी मेडिकल थाने में शाम को तहरीर देने पहुंच गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर दिया। विशाल ने बताया कि वह विवि का छात्र है। सीसीटीवी कैमरे में पहले हमला दूसरे पक्ष ने किया है। दूसरा पक्ष ही गोली चला रहा है, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी।
गोलियां चल रहीं, पुुलिस गंभीर नहीं
- विश्वविद्यालय में लगातार फायरिंग की घटनाएं हो रही हैं और पुलिस गंभीर नहीं है। छात्रों का कहना कि बाहरी युवक आकर कैंपस में रील बनाते हैं। सेल्फी ले रहे और छात्राओं पर टिप्पणी करते हैं। इससे कैंपस का माहौल खराब हो रहा है। कैंपस में कोई रोक-टोक नहीं है। कॉलेज प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है। छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। व्यवस्था नहीं सुधरी तो छात्र आंदोलन करेंगे।
दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई है। दोनों तरफ से जानलेवा हमला, धमकी और मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीसरा मुकदमा पुलिस भी अपनी तरफ से दर्ज किया है। नामजद दो छात्र गिरफ्तार किए गए हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी