ई-कामर्स से खुदरा बाजार चौपट, बेरोजगारी बढ़ने से व्यापार प्रभावित
मेरठ। यूपी इलेक्ट्रानिक व्यापार संघ ने देश में घटते हुए रिटेल व्यापार और ई-कामर्स से बढ़ती आर्थिक मंदी को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। भविष्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जाएगी। यूपी इलेक्ट्रानिक व्यापार संघ के संयोजक मुकुल सिंघल ने कहा बेरोजगारी बढ़ने के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले राजस्व 46 फीसदी कम है। मुकुल सिंघल ने बताया कि फैम (फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के वीके बंसल) के अनुसार, 1000 की आबादी पर 11 दुकानदार, दुनिया में सबसे ज्यादा रेहडी पटरी व पैठ, कस्बों के दुकानदार को छोड़कर हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ हैं। खुदरा लघु व्यापारी ही हैं, जिन्होंने उपभोक्ताओं को कोरोना जैसी महामारी में भी सभी सामान उपलब्ध कराया। लॉकडाउन, ई-कामर्स व आनलाइन कंपनियों के बढ़ते कदमों से लगभग 25 से 30 करोड़ खुदरा व्यापारी चिंतित हैं। कर्मचारी जो इन दुकानों में काम करते हैं, वह लोग बेरोजगार होते जा रहे हैं। सरकार की नीति, बैंकों के ब्याज से व्यापारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।