डॉ. संदीप जैन ने बताया कि एनाबोलिक स्टेरॉयड का असर जितनी जल्दी दिखाई देता है, उतनी ही जल्दी इसका साइड इफेक्ट भी होता है। इसके लगातार प्रयोग से मेल हार्मोंस पर भी विपरीत असर पड़ता है। शरीर में ज्यादा मात्रा में पहुंचने पर फैट में बदल जाता है और कोलेस्ट्रोल के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाता है, इससे स्ट्रेस लेवल बढ़ता है और दिल की बीमारियां हो सकती हैं।
फूड सप्लीमेंट्स लेने में बरतें सावधानी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि फूड सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए। डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि स्टेरॉयड से बनाई गई बॉडी सिर्फ बाहर से देखने में ही सुदृढ़ लगती है जबकि अंदर से खोखली हो जाती है।
शरीर को अगर विटामिन, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर सही मात्रा में मिल जाए तो शरीर तंदुरुस्त रह सकता है। मेरठ में 800 से ज्यादा छोटे-बड़े जिम हैं, जिनमें से कुछ जिम में ही एक्सपर्ट हैं जिन्हें फूड सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड की सही जानकारी है।