सहारनपुर। सहायक आयुक्त स्टांप ने सैयद माजरा टोल प्लाजा के टेंडर में 1.65 करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप चोरी पकड़ी है। टोल प्लाजा के एग्रीमेंट में जहां लाखों रुपये के स्टांप लगाए जाने थे वहां केवल 100 रुपये के स्टांप लगाकर तीन साल तक वसूली होती रही। चोरी पकड़े जाने के बाद संबंधित फर्म के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिए थे कि टोल पर टैक्स लगाया जाएगा। इसमें टोल का ठेका लेने वाली फर्म से स्टांप शुल्क वसूला जाना था। साथ ही ठेका संबंधी एग्रीमेंट सब रजिस्ट्रार के कार्यालय में होना था। इसके लिए एआईजी स्टांप की ओर से टोल प्लाजा सैयद माजरा, टोल प्लाजा शाजहांपुर सरसावा और टोल प्लाजा कोलकी कलां को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया।
सहायक आयुक्त स्टांप ब्रिजेश सिंह के अनुसार, सैयद माजरा टोल प्लाजा का 2021-22 का टोल वसूली का ठेका मैसर्स क्लार्क फर्म को दिया गया था। यह ठेका 23 करोड़ 48 लाख 48 हजार में छोड़ा गया, जिसका दो फीसदी स्टांप लगाया जाना था, लेकिन केवल 100 रुपये का स्टांप लगाया गया। इस ठेके में 46 लाख 83 हजार 980 रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
वर्ष 2022-23 में फिर से ठेका इसी फर्म पर गया। इस बार ठेका 27 करोड़ 61 लाख 70 हजार 777 में छूटा। इसमें भी दो फीसदी स्टांप लगाया जाना था, लेकिन मात्र 100 रुपये का स्टांप लगाया गया। इसमें 55 लाख 23 हजार 460 रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई। इसके बाद तीसरी बार ठेका मुम्बई की एक फर्म के नाम 31.91 करोड़ रुपये में छोड़ा गया। इसमें भी दो फीसदी के हिसाब से स्टांप लगने थे, लेकिन मात्र 100 रुपये का स्टांप लगाया गया। इस बार 63 लाख 81 हजार 900 रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई। इस प्रकार कुल एक करोड़ 65 लाख नौ हजार 340 रुपये की स्टांप चोरी पकड़ में आई है।
- दो और टोल प्लाजा निशाने पर
सैयद माजरा टोल प्लाजा के ठेकों में स्टांप चोरी सामने आने के बाद विभाग और गंभीर हो गया है। ऐसे में अब टोल प्लाजा कोलकी कलां और टोल प्लाजा शाजहांपुर सरसावा के ठेकों की जांच शुरू कर दी गई है। चूंकि उक्त ठेकेदारों ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। ऐसे में यहां भी गड़बड़ी मिलने की आशंका है।
- न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जनपद के तीन टोल प्लाजा को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। सैयद माजरा टोल प्लाजा के तीन बार के ठेकों के एग्रीमेंट में लगे स्टांप की जांच की गई है, जिसमें 1.65 करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप चोरी पकड़ी गई है। केस दर्ज करा दिया गया है। - ब्रिजेश सिंह चौधरी, सहायक आयुक्त स्टांप