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Meerut News: कहीं लटके ताले और कहीं खंडहर हो गए सामुदायिक शौचालय

Mon, 02 Sep 2024 03:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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रामपुर मनिहारान के गांव कल्लरपुर गुर्जर में शौचालय पर लगे ताले और सामने लगी गंदगी के ढेर। संवाद
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सहारनपुर। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 11 विकास खंडों की 884 ग्राम पंचायत में दो वर्ष पूर्व बनाए सामुदायिक शौचालय कहीं खंडहर में तब्दील हो गए तो कहीं पर ताले लटके हैं। कई जगहों पर शौचालयों के चारों तरफ झाड़ियां उग गईं हैं। यह स्थिति तब है, जब स्वच्छ भारत मिशन योजना केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। करीब 37 करोड़ लागत से शौचालय बनाए गए थे, लेकिन सरकारी धन को पलीता लगा है। देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूहों को शौचालय सौंपे जाने थे, लेकिन अधिकांश जगहों पर ऐसा नहीं हुआ है। शौचालय ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं आ सके हैं। शौचालयों को खुला रखने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई थी। इसको लेकर अमर उजाला ने पड़ताल की तो अनेक ग्राम पंचायतों में ऐसी ही स्थिति मिली। इस पर प्रस्तुत रिपोर्ट...
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बंद मिला शौचालय, लटके थे ताले
तीतरों के ग्राम ठोला फतेहपुर में सामुदायिक शौचालय पर दो वर्ष पूर्व निर्माण के बाद से ही ताला लगा है। यहां के निवासी निर्दोष कुमार, रमेश कुमार, भोपाल सिंह, मांगेराम का कहना है कि बनने के बाद एक दिन भी शौचालय का दरवाजा नहीं खुला है। शौचालय में पूरी तरह निर्माण भी नहीं हुआ है। पानी के पाइप, टैंक, टाइल्स भी नहीं लगाई गई।
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उग गई झाड़ियां, कूड़ा डाल रहे लोग
रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव कल्लरपुर गुर्जर में सामुदायिक शौचालय पर भी ताला लटका मिला है। शौचालय के बाहर झाड़ियां और घास उगी है। शौचालय के बाहर कूड़ा भी डाला जा रहा है। ग्रामीण सोनू पंवार का कहना है कि लंबे समय से शौचालय बंद पड़ा है। उधर, ग्राम प्रधान सेठपाल मुखिया का कहना है कि शौचालय तालाब के पास बना है। बरसात में इसकी नींव बैठ गई थी। कोई हादसा न हो जाए इस कारण शौचालय बंद किया गया।
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एक मिला बंद, दूसरा था खुला
बेहट के गांव मीरपुर गंदेवड़ स्थित सामुदायिक शौचालय में महिलाओं के लिए बने शौचालय पर ताला लगा मिला है, जबकि पुरुषों के लिए बना शौचालय खुला हुआ था। वहीं, ग्राम प्रधान विनोद सैनी का कहना है कि महिला शौचालय का गड्ढा खराब हो गया है। उसे नया बनवाकर शौचालय खोला जाएगा।

शौचालय नहीं खंडहर कहिए जनाब
बड़गांव क्षेत्र के गांव बहेड़ा के मजरे रत्नाहेड़ी में बना सामुदायिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है। शौचालय के बाहर झाड़ियां खड़ी हैं। इसका गड्ढा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के बाद शौचालय प्रयोग में ही नहीं आया है। ग्राम प्रधान रमेश कश्यप ने बताया कि शौचालय उनके कार्यकाल से पूर्व बना है। यह श्मशान घाट की भूमि पर बनाया था। ग्रामीण उस तरफ नहीं जाते हैं।
- वर्जन :
जिन ग्राम पंचायतों में शौचालय बंद पड़े हैं। उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को शौचालय खुले रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। - सुमित महाजन, मुख्य विकास अधिकारी
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