मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा ने बताया कि सीजन के हिसाब से मन की स्थिति में बदलाव होता है। सूरज की रोशनी की वजह से आर्कटिक रीजन में इस तरह के मामले ज्यादा होते हैं। इस तरह के व्यक्तियों में निद्रा विकार हो जाता है। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं, जिससे हार्मोन में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन डी की कमी आती है। इससे दिल और दिमाग पर प्रभाव पड़ता है। सर्दी के मौसम में खासकर उम्रदराज लोगों को अवसाद घेर लेता है जिससे तनाव व उच्च रक्तचाप की शिकायत हो जाती है।
इस तरह किया जाता है इलाज
इस बीमारी में व्यक्ति को नींद देर से आती है। सूरज की रोशनी मिलने से व्यक्ति ठीक हो जाता है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो कुछ दिनों तक दवाइयां भी दी जाती हैं। साथ ही बिहेवियर थेरेपी एवं काउंसिलिंग भी की जाती है।
बचाव के लिए यह करें
रोज करीब 10 मिनट तक धूप में बैठेें।
नियमित योग और व्यायाम करें।
बादाम, अखरोट और मूंगफली आदि का सेवन करें।
ज्यादा चीनी, सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने से बचें।