कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना के गणित में शामली के डीएम इंद्र विक्रम सिंह शुरू से ही मात खा रहे थे। इस सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटों में दो सहारनपुर और तीन शामली जिले में हैं। सहारनपुर की दोनों सीटों की मतगणना का योग तो शुरू से एक ही रहा, लेकिन शामली की तीनों सीटों के वोटों का योग दो बार आयोग को भेजा गया, जो दोनों बार अलग था। तभी चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई थी।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में शामली जनपद के कैराना, थानाभवन और शामली विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि सहारनपुर के नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र हैं। 31 मई को चुनाव आयोग को भेजी गई मतगणना नतीजों की तालिका में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में सभी प्रत्याशियों को 938742 मत मिलना दर्शाया गया था। अगले दिन आयोग को यह संख्या 915050 भेजी गई। खास बात यह थी कि सहारनपुर की नकुड़ सीट पर सभी प्रत्याशियों को 205426 मत और गंगोह में 209366 मत प्राप्त होने की संख्या दोनों रिपोर्ट में एक ही थी। शामली की कैराना, थानाभवन और शामली विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के आंकड़े में बड़ा अंतर था।