शामली, कैराना। दशकों से चली आ रही मामौर झील की समस्या अब चंद दिनों की ही रह गई है। सितंबर तक नमामि गंगे योजना के तहत जल निगम द्वारा 78.60 करोड़ की लागत में बनाया जा रहा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट कार्य करना शुरू कर देगा। जिसके बाद झील के ओवरफ्लो होकर टूटने व फसलों को बर्बाद करने की समस्या खत्म हो जाएगी। आसपास के गांवों का पेयजल भी धीरे-धीरे शुद्ध हो जाएगा।
दशकों से चली आ रही मामौर झील की समस्या से निजात दिलाने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत जल निगम का मवी व मामौर के बीच 8400 वर्ग मीटर जमीन पर 78.60 करोड़ की लागत में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। प्लांट का भवन तैयार कर रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके वर्मा ने बताया कि प्लांट का भवन तैयार होने के बाद यहां पर मशीनें लगाई जाएंगी। सारा कार्य सितंबर 2023 तक पूरा होने की संभावना है।
- डेढ़ करोड़ लीटर पानी का प्रतिदिन होगा शोधन
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद कैराना से मामौर झील में जाने वाला गंदा पानी पाइपों से प्लांट में जाएगा। प्लांट में गंदे पानी का शोधन होगा। पानी की गंदगी से खाद बनाई जाएगी। शोधन किया पानी किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाएगा। जिससे शुद्घ पानी बड़े पाइपों से यमुना में छोड़ा जाएगा। कैराना का गंदा पानी मामौर झील में किसी भी सूरत में नहीं जाएगा। झील ओवरफ्लो भी नहीं होगी। साथ ही आसपास के गांवों का भूजल भी साफ हो जाएगा।
- ग्रामीणों को कहना
- मामौर निवासी महताब ने बताया कि मामौर झील का गंदा पानी जमीन के अंदर जाने के कारण गांवों में बीमारी फैल रही थी। सीवेज प्लांट बनने के बाद बीमारियों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
- मामौर निवासी शमशाद ने बताया कि झील बार-बार ओवरफ्लो होकर आसपास की फसलों को बर्बाद कर देती थी। प्लांट शुरू होने के बाद किसानों को फायदा होगा।
- अय्यूब ने बताया कि सरकार को प्लांट पूरा होने के बाद झील का भी सुंदरीकरण कराना चाहिए।
- मामौर निवासी शफीक ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने के बाद क्षेत्र को भूजल साफ होगा जिससे गांव में बीमारियां नहीं फैलेगी।
- नौशाद भाटी ने बताया कि कैराना का गंदा पानी झील के अंदर आने के कारण किसानों को नुकसान होता था। अब कैराना का गंदा पानी सीधे प्लांट में जाएगा, जिससे फायदा होगा।
कोट-
सितंबर 2023 तक नमामि गंगे योजना के तहत मामौर झील के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा हो जाएगा। जिसके बाद क्षेत्र को गंदे पानी से मुक्ति मिलेगी। - सौरभ त्यागी, जेई जल निगम
कैराना में मामौर झील के पास बनने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मेप व डिजाइन