- बुधवार को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में हुई लेखपाल की पेशी
- कलक्ट्रेट से लेकर तहसील तक सहमे रहे राजस्व कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर कलक्ट्रेट स्थित बंदोबस्त कार्यालय से गिरफ्तार किए गए सर्वे लेखपाल के खिलाफ भोपा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। जहां से उनका चालान कर मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने रिश्वत लेने के आरोपी लेखपाल को जेल भेज दिया। उधर, इस प्रकरण के बाद से कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मियों में अजीब सा खौफ देखने को मिला।
बंदोबस्त लेखपाल मोहम्मद अहसान को मुजफ्फरनगर की भोपा पुलिस के हवाले करने के बाद मंगलवार की देर शाम फिर से भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम बिजनौर पहुंची। जहां उसने अन्य औपचारिकताएं पूरी की, साथ ही लेखपाल के घर समेत अन्य जानकारियां जुटाई।
बुधवार को बंदोबस्त लेखपाल को मेरठ की एंटी करप्शन की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। बता दें कि मंगलवार की दोपहर ढाई बजे बिजनौर कलक्ट्रेट परिसर स्थित बंदोबस्त के कार्यालय में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने सर्वे लेखपाल मोहम्मद अहसान को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। जिसके बाद भोपा थाने ले गया और मामला दर्ज कराया था।
उधर, बुधवार को दिनभर कलक्ट्रेट और सदर तहसील के कर्मचारी सहमे सहमे दिखाई दिए। चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा। कुछ कर्मचारी आरोपी लेखपाल के पक्ष में बेगुनाही का तर्क देते नजर आए।
- दाखिल खारिज की एवज में लिया था पैसा
भोपा थाना क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तोफीर निवासी पोपिन ने अपनी मां सुदेशना के नाम पर साढ़े ग्यारह बीघा जमीन खरीदी थी। जोकि बिजनौर की सदर तहसील क्षेत्र में है। जमीन के दाखिल खारिज के लिए बंदोबस्त लेखपाल मोहम्मद अहसान ने पचास हजार रुपये की मांग की थी। बाद में बीस हजार रुपये में सौदा हुआ। जिसके चलते पोपिन ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन के सहारनपुर कार्यालय में शिकायत कर दी थी।