परतापुर। परतापुर बाईपास स्थित सीईआरटी शिक्षण संस्थान में मंगलवार देर रात शराब के नशे में तीन छात्रों द्वारा रैगिंग कर मारपीट के मामले में पुलिस ने रैगिंग की धारा नहीं बढ़ाई है। न ही अभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पीड़ित छात्र परेशान है। वह बुधवार को भी परतापुर थाने में पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रैगिंग की धारा बढ़ाने की मांग की।
इस संस्थान में बाइक सवार निखिल प्रधान और दो अन्य छात्र शराब के नशे में कालेज के छात्र हास्टल पहुंचे। यहां उन्होंने हंगामा कर मारपीट की। इस दौरान कालेज कैंपस में अफरातफरी मच गई थी। संस्थान के सिक्योरिटी गार्ड से भी अभद्रता की गई। इस मामले में परतापुर पुलिस ने रैगिंग की धारा नहीं लगाई है। इससे छात्रों में आक्रोश भी है। वहीं पीड़ित छात्रों के परिजन भी मेरठ पहुंचे और उन्होंने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। परतापुर इंस्पेक्टर रामफल सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है जो भी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। रैगिंग की बात अभी तक जांच में नहीं निकली है। कालेज से सीसीटीवी कब्जे में ली है। जिसको भी जांच में शामिल किया जा रहा है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आखिर रैगिंग में केस दर्ज क्यों नहीं?
जब पीडि़त छात्रों ने अपने साथ रैगिंग होने की बात पुलिस से कही। बकायदा तहरीर में भी रैगिंग की बात को शामिल किया गया। इसके बावजूद पुलिस ने रैगिंग की धारा में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इतनी नरमी बरती गई, जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे है।