मेरठ। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि जो अधिकारी किसान दिवस की बैठक में नहीं पहुंचेंगे, उनका वेतन काटा जाएगा। समस्याओं का समाधान न करने और लेट पहुंचने वाले अधिकारियों को भी स्पष्टीकरण देना होगा। यह निर्देश उन्होंने बुधवार को विकास भवन में हुई बैठक में दिए। किसानों ने भी बिजली, पानी, नहर, सड़क आदि से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
किसानों ने कहा कि 25 अप्रैल के बाद से किसानों की गन्ना पर्ची ऑनलाइन अपडेट नहीं हो पाई है, जिस कारण उन्हें जानकारी नहीं मिली। किसानों ने गन्ने के लेजर से संबंधित जानकारी भी देने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने गन्ना अधिकारी को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। किसानों ने नलकूपों के बढ़े बिल भेजे जाने, करनाल हाईवे के किनारे बने नाले में मिट्टी डाले जाने, गांवों में बन रही सीसी रोड के चौड़ीकरण, खेतों में जा रही विद्युत लाइन को हटाने, तालाबों को कब्जा मुक्त कराने आदि समस्याओं को उठाया।
डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए। 15 मार्च 2023 को आयोजित हुई किसान बैठक में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों का पूर्ण रूप से निस्तारण न होने पर लीड बैंक मैनेजर एनआई एवं अपर नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिए गए। जिलाध्यक्ष भाकियू अनुराग ने 20 जून को परतापुर में धरने के दौरान मोहिउद्दीनपुर व किनौनी चीनी मिल द्वारा 30 जून तक कृषकों का भुगतान कराए जाने के समझौते का क्रियान्वयन कराने का अनुरोध किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही, डीसीओ दुष्यंत कुमार, हर्ष चहल, मोनू ढिढाला, महबूब, कुलदीप त्यागी मौजूद रहे।