मेरठ। भावनपुर थाने में तैनात दरोगा विक्रम सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़वाने वाले इमरान के अपहरण किए जाने की मंगलवार को अफवाह फैल गई। परिजनों ने बताया कि दोपहर कार सवार कुछ युवक उसे पीटते हुए ले गए हैं। हालांकि शाम को फोन कर इमरान ने परिजनों को बताया कि कुछ जानकार पुलिसकर्मी उसे किसी मामले में लेकर गए थे। बाद में वह किसी काम से बागपत आ गया था।
मारपीट के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले दरोगा विक्रम सिंह को शनिवार को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। अब्दुल्लापुर निवासी इमरान ने उसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। रिश्वत के मामले में विक्रम सिंह के अलावा मामले की जांच कर रही महिला दरोगा अर्चना शक्ति के खिलाफ भी सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने दोनों दरोगा को निलंबित कर दिया था। इमरान के भाई इकराम का दावा है कि मंगलवार को इमरान सनबीम इंटर कॉलेज के पास था। तभी कार में कुछ लोग वहां पहुंचे और मारपीट करते हुए उसे गाड़ी में डालकर ले गए। उन्होंने इमरान को तलाश करना शुरू कर दिया। शाम को उससे फोन पर बात हुई तो परिजनों ने चैन की सांस ली। हालांकि रात साढे़ दस बजे तक इमरान घर नहीं पहुंचा था। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। परिजन अगर कोई शिकायत करते हैं तो जांच कराई जाएगी।