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Meerut: गिरफ्तारी के बाद नेपाली नौकर ने खोले गहरे राज, बताया- आखिर किसके कहने पर बिल्डर की कोठी में की थी लूट

Wed, 21 Dec 2022 02:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बिल्डर की कोठी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के कमलानगर में बिल्डर प्रदीप गुप्ता उर्फ पिंकी की कोठी में लूट के आरोपी लक्ष्मण उर्फ लक्ष्मनेभुल निवासी डोटी दुर्गा मंडी नेपाल की गिरफ्तारी सोमवार रात एसटीएफ ने बरेली से दिखाई है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 3015 रुपये, एक पीतल की चेन और पांच चांदी के सिक्के बरामद होने बताए हैं। आरोपी 15 दिन पहले मुंबई पुलिस की कस्टडी से छूटकर भाग गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी लक्ष्मण ने बताया कि वह 19 नवंबर को मुंबई से फ्लाइट से दिल्ली और फिर ट्रेन से मेरठ वारदात करने आया था।

20 नवंबर को कमलानगर में बिल्डर की कोठी में 80 लाख की लूटपाट करने वाला मुख्य आरोपी बिलकिट उर्फ बिलकिट्स उर्फ सुरेंद्र को नेपाल में पुलिस ने ही दबोच लिया था। नेपाल पुलिस ने उसे 15 दिन की रिमांड पर लिया है। मंगलवार दोपहर एसएसपी मेरठ रोहित सिंह सजवाण और एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने प्रेस नोट जारी किया है। इसमें आरोपी लक्ष्मण उर्फ लक्ष्मनेभुल को बरेली से गिरफ्तार करना बताया गया है। लूट की वारदात में नेपाली बलबहादुर, लालभुल, लक्ष्मण, बिलकिट शामिल हैं।
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नेपाली नौकर लक्ष्मण - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के मुताबिक लक्ष्मण मुंबई में टैक्सी चलाता है। इस वारदात को अंजाम देने के लिए लक्ष्मण ने 70 हजार खर्च किए हैं। बिलकिट और लालभुल के कहने पर वह मेरठ आया था। लालभुल ने घंटाघर स्थित एक होटल में कमरा लिया था। यहां 19 नवंबर की रात को रुके थे। 20 नवंबर को वारदात कर सहारनपुर बस से गया और फिर वहां से ट्रेन से मुंबई लौट गया। उसको सिर्फ 25 हजार रुपये और जेवरात मिले थे। बाकी हिस्सा 15-20 दिन बाद नेपाल में देने का वादा हुआ था। अब वह नेपाल भागने की फिराक में था।

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नौकर - फोटो : अमर उजाला
आठ दिन पहले पकड़ा, माल नहीं मिला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक लक्ष्मण को आठ दिन पहले मेरठ पुलिस ने पकड़ लिया था। उसे माल बरामद करने के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी। पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण के बहनोई का नाम भी लक्ष्मण है, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पुलिस आरोपी से बिल्डर की नगदी और जेवरात बरामद करने के लिए लगी रही, लेकिन लक्ष्मण शातिर है। उसने सारा पैसा और जेवरात लाल बहादुर, लालभुल के पास होना बता दिया। दोनों को नेपाल में होना बताया है।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बिलकिट को कहते हैं नवाब साब
लक्ष्मण ने बताया कि कोठी में लूट का प्लान बिलकिट ने बनाया था। 80 हजार रुपये खर्च भी किए हैं। नेपाली बल बहादुर से फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत करके कोठी में रखा कैश और जेवरात के बारे में पूछा था। उसके बाद लालभुल को गैंग में शामिल किया। सामान गाड़ी में लादकर ले जाने के लिए लक्ष्मण को मेरठ बुलाया था। वह टैक्सी चालक है। बिलकिट पहले भी बंगलूरू, केरल सहित कई जगहों पर लूट कर चुका है। नेपाल में बिलकिट को नवाब साब के नाम से जानते हैं।
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बिल्डर के घर में रखा चांदी का सामान - फोटो : अमर उजाला
महंगे जूते और कपड़े पहनते हैं आरोपी
बिलकिट के घर में 18 जोड़ी जूते और 52 जोड़ी महंगे कपड़े मिले है। लक्ष्मण ने बताया कि बिलकिट को नेपाल में सभी शातिर बदमाश जानते हैं। वह महंगे कपड़े और जूते पहनकर गाड़ी से चलता है। सभी बदमाशों का फाइनेंसर है। इससे जरूरत पड़ने पर पैसा मिलता है।
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बिल्डर के घर में रखा चांदी का सामान - फोटो : अमर उजाला
सराफ को बेच दिए जेवरात
पुलिस की पूछताछ में लक्ष्मण ने बताया कि वारदात के बाद दो बार लालभुल से मैसेंजर पर बात हुई। उन्होंने नेपाल में एक सराफ को सारे जेवरात बेचने की भी बात कही। 15 दिन से यह सराफ फोन रिसीव नहीं कर रहा है। एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि लाल बहादुर और लालभुल को गिरफ्तार कर प्रदीप का लुटा हुआ सारा माल बरामद करने का प्रयास चल रहा है। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।
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