रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने अपने दादा चौधरी चरण सिंह और पिता चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि को नोडल जिला बनाया है। जयंत सिंह के राज्यसभा की निधि के खाते का बागपत से संचालन किया जाएगा। प्रशासन को जयंत ने पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। इसका बागपत को ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बागपत को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि माना जाता है। चौधरी चरण सिंह ने राजनीति करते हुए सभी चुनाव यहां से लड़े, तो चौधरी अजित सिंह ने वर्ष 2019 का लोकसभा का आखिरी चुनाव मुजफ्फरनगर से लड़ा था। जबकि उस बार बागपत से लोकसभा चुनाव में उनके बेटे चौधरी जयंत सिंह उतरे थे।
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हालांकि दोनों को हार झेलनी पड़ी थी। लेकिन चौधरी जयंत सिंह ने दादा व पिता की कर्मभूमि को राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी पूरा सम्मान दिया है। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के लिए मिलने वाली निधि का खाता संचालित करने के लिए बागपत जिला चुना है।
जिस प्रदेश से राज्यसभा की सदस्यता मिलती है। उस प्रदेश से एक जिले को नोडल के रूप में चुना जाता है। इस तरह यह भी माना जा रहा है कि अगर जयंत सिंह आगामी लोकसभा चुनाव लड़ते हैं तो वह बागपत सीट को चुन सकते हैं। इसलिए ही बागपत को नोडल जिला चुने जाने की बात कही जा रही है।
राज्यसभा सदस्य चौधरी जयंत सिंह ने बागपत को नोडल जिला बनाया है। राज्यसभा सदस्य को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली निधि के खाते का संचालन अब बागपत से किया जाएगा। इसके लिए चौधरी जयंत सिंह का पत्र मिल चुका है।
- राजकमल यादव, डीएम