शामली। ईरान-इस्राइल युद्ध का असर शामली के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। युद्ध के कारण जिले का रिम का कारोबार आधा रह गया है। वहां पर माल नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं माचिस और पेपर आदि के लिए कच्चा माल लाने में भी उद्यमियों को परेशानी हो रही है। दोनों देशों के बीच युद्ध का हवाला देते हुए कंटेनर चालकों ने एक फेरे पर 25 से लेकर 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त वसूलने शुरू कर दिए हैं।
शामली जिले में 350 के करीब इंडस्ट्री है। यहां का रिम धुरा, माचिस और पेपर अमेरिका, कनाड़ा से लेकर इस्राइल और अन्य देशों में सप्लाई किया जाता है। यही नहीं, यहां के उद्यमी मोम, कच्चा पेट्रोलियम पदार्थ ईरान से मंगवाते हैं। इसके लिए कुछ माल समुंद्री रास्तों से होकर शामली पहुंचता है।
आधा रह गया कारोबार, भविष्य में और अधिक पड़ेग असर
आईआईए शामली के अध्यक्ष आशीष जैन और आलोक जैन ने बताया कि इस्राइल में शामली से 50 लाख से अधिक रुपये का रिम भेजा जाता है। मगर युद्ध के कारण अब कारोबार प्रभावित हो रहा है। करीब 25 लाख का माल ही भेजा जा रहा है। वहां के व्यापारियों को डर सता रहा है कि कहीं वे माल मंगवा ले और युद्ध के कारण बिक्री नहीं हो।
युवा उद्यमी अपूर्व जैन और वरुण जैन का कहना है कि रिम का कारोबार इजराइल में आधा रह गया है। यदि भविष्य में युद्ध पर विराम नहीं लगा तो व्यापार और भी अधिक प्रभावित होगा।
कच्चे माल का नहीं हो पा रहा आयात
उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट कमेटी आईआईए के चेयरमैन अनुज गर्ग का कहना है कि शामली से विभिन्न देशों में माचिस सप्लाई की जाती है। जिसके लिए ईरान से मोम और अन्य पेट्रोलियम पदार्थ आयात होते हैं। सभी बायो प्रोडक्ट ईरान से ही आते हैं। मगर युद्ध के कारण माल नहीं आ पा रहा है।जिसके कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है।
25 हजार रुपये तक अधिक वसूल रहे कंटेनर चालक
आईआईए और साइमा के संरक्षक अशोक बंसल का कहना है कि दोनों देशों के बीच युद्ध के कारण अमेरिका आदि से आने वाले वेस्ट पेपर और अन्य के किराए में दोगुनी तक वृद्धि कंटेनर चालकों ने कर दी है। क्योंकि कंटेनर समुंद्री इलाकों से होकर आते हैं, जिसके कारण एक कंटेनर पर अतिरिक्त 25 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं।
व्यापार पर पड़ता है असर
साइमाा के चेयरमैन अंकित गोयल का कहना है कि देशों के बीच में युद्ध का असर हर हाल में व्यापार पर पड़ता है। माल के आयात और निर्यात पर प्रभाव पड़ेगा।सरकार को भी इस संबंध में उचित कदम उठाने चाहिए।
बाजार पर पड़ेगा फर्क
सर्राफा एवं श्रवणकार यूनियन के अध्यक्ष राकेश वर्मा का कहना है कि इरान-इजराइल युद्ध के कारण सर्राफा व्यापारी भी चिंतित है।पिछले कुछ दिनों में सोने के रेट भी बढ़ गए हैं। यदि युद्ध पर विराम नहीं लगा तो सोने का दाम 80 हजार रुपये प्रति तौला तक पहुंच जाएगा।