पोर्न वीडियो के कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाकर डराया
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। एयरफोर्स से रिटायर कर्मी को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर मात्र आधे घंटे में 15 लाख रुपये ठग लिए। वीडियो कॉल पर पुलिस का फर्जी ऑफिस और अधिकारी दिखाकर पीड़ित के मन में इतना खौफ भर दिया कि वह कुछ समझ ही नहीं पाया। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नौचंदी क्षेत्र निवासी और हाल ही में एयरफोर्स से रिटायर कर्मी के पास 9 जुलाई को वीडियो कॉल आई। जिसमें सामने से बात कर रहा व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। पीछे पूरा बैंकग्राउंड मुंबई पुलिस के ऑफिस का था। कॉल करने वाले ने कहा कि हम मुंबई साइबर क्राइम से बोल रहे हैं। आपके आधार कार्ड से जुड़ा खाता केनरा बैंक में है। जिसमें से 25 लाख रुपये पोर्न वीडियो के कारोबार के लिए हस्तांतरित हुए हैं। आपके खिलाफ मुंबई में 15-16 एफआईआर दर्ज हैं।
इस मामले में बड़ा अपराधी कोई दूसरा है। उसे पकड़ने के लिए आपको अपने बैंक एकाउंट से 15 लाख रुपये ट्रांसफर करने होंगे। इसके बाद ही आप बच सकते हैं। साइबर अपराधियों ने सरकार के फर्जी पत्र पीड़ित के पास भेजे। इससे भयभीत पीड़ित ने उनके बताए खाते में 15 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए।
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नौकरी कर जमा की गई सारी रकम ठग ली
पीड़ित ने बताया कि वह अपराधी नहीं है, लेकिन साइबर ठगों ने जिस तरह से बात करके धमकाया, वह डर गए। उन्होंने साइबर ठगों को ही असली पुलिस समझ लिया। स्थानीय पुलिस के पास जाने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए। उन्हें यकीन था कि वह बेकसूर हैं, पुलिस की जांच में वह बच जाएंगे। लेकिन यहां तो पुलिस ही फर्जी निकली। नौकरी के दौरान जमा की गई सारी रकम ठग ले गए। साइबर क्राइम पुलिस ने रकम वापस दिलाने का भरोसा तो दिलाया है, लेकिन कब मिलेगी पता नहीं है।