मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी संस्थान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (कंप्यूटर विज्ञान विभाग) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं संतुलित विकास व विकसित भारत विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का शुभारंभ संस्थान निदेशक प्रो. नीरज सिंघल एवं मुख्य वक्ता प्रो. इह्तिराम रजा खान ने किया। निदेशक प्रो. सिंघल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल प्रौद्योगिकी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं शासन व्यवस्था को नया रूप देने वाला परिवर्तनकारी साधन है। विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। मुख्य वक्ता प्रो. खान ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता संतुलित विकास के सभी क्षेत्रों को गति दे रही है। व्यवहारिक कार्यशाला में विद्यार्थियों को मशीन अधिगम प्रतिरूप बनाने, हरित कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के उपयोग एवं संख्यीय परिवर्तन की रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया गया।