गलतियों की भी भरमार
जिस संस्था को राशन कार्ड फीड करने और आधार कार्ड लिंक करने का ठेका दिया गया है। उस संस्था द्वारा लगाए गए कंप्यूटर आपरेटरों के कारण भी राशन कार्ड धारक परेशान हैं। किसी राशन कार्ड में पति को पिता बना दिया है तो किसी के पिता को पति बनाकर दर्ज कर दिया है। जिलापूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड और आधार कार्ड लिंक में गड़बड़झाले की शिकायत करने वाले पुरुष व महिलाओं की भीड़ रही।
कोट
जिला पूर्ति विभाग कार्यालय की तरफ से कराई गई जांच में राशन की कालाबाजारी कर रहे 149 डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बाकी डीलरों की जांच भी हो रही है।
-विकास गौतम, जिलापूर्ति अधिकारी।
पॉश कालानियों में गरीबों के नाम पर कार्ड
सामने आया कि पॉश कालोनियों में बडे़ लोगों के नाम पर राशन कार्ड बना दिये गये। अधिकारियों की आईडी से इन राशन कार्डों के आधार लिंक कराये गये। सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए आधारकार्ड को लिंक करते हुए पीओएस मशीनों के जरिये राशन वितरित किया जाता है। भ्रष्ट राशन डीलरों और राशन माफिया ने इस सिस्टम में भी सेंधमारी करके गरीबों के राशन को डकारा, यहां तक की पॉश कालोनियों में रहने वाले लखपतियों के नाम भी राशन कार्ड बनवाये गये। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि इन राशन कार्डों को आधार कार्ड से लिंक कैसे कराया गया। पल्लवपुरम, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, शताब्दीनगर, आदर्श नगर, जैन नगर, थापर नगर, साकेत जैसी पॉश कालानियों में दस हजार से ज्यादा राशन कार्ड बने हैं।
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