मेरठ। गंगनहर के पुलों के रखरखाव को लेकर सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी में तकरार हो रही है। जहां, सिंचाई विभाग ने गंगनहर के पुलों के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की बताई है वहीं, पीडब्ल्यूडी ने गंगनहर के पुलों का स्वामित्व सिंचाई विभाग का बताते हुए बगैर एनओसी के रखरखाव करने से इंकार किया है।
गंगनहर पर ब्रिटिश कालीन पुल हैं। इनमें से कुछ पुलों के स्थान पर नए पुल बनाए जा रहे हैं। लगभग आधा दर्जन पुल अभी भी पुराने ही हैं। बूढ़े पुलों से हलके और भारी वाहन गुजर रहे हैं। देहात की जनता सभी जर्जर पुलों को बनवाने की मांग करती चली आ रही है। विभाग हैं कि एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं।
दो दिन पहले ही सलावा में ट्रक गुजरते समय गंगनहर का पुल टूट गया। अब से पहले भी एक वाहन गंगनहर में गिर चुका है, इसके बावजूद विभागीय अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अभी तक गंगनहर पर सलावा पुल को बनाने के किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा है।
000
जिस विभाग का मार्ग, वही करेगा पुल का रखरखाव
- सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज लांबा का कहना है कि यह स्पष्ट है कि जिस विभाग की सड़क नहर से गुजर रही है वही विभाग गंगनहर के पुल का रखरखाव करेगा। इसके लिए पहले भी पत्राचार हो चुका है। सलावा पुल बनाने से पहले नक्शा बनाने की तैयारी पीडब्ल्यूडी कर रहा है।
000
एनओसी देंगे तो आगे की होगी कार्रवाई
-सलावा पुल को टूटे तीन दिन हो गए हैं। अभी तक स्वामित्व और पुल बनाने की जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजीव सिंह का कहना है कि गंगनहर पर पुल का स्वामित्व सिंचाई विभाग का है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता के साथ बैठक हो चुकी है। अगर सिंचाई विभाग हमें एनओसी जारी करेगा तो हम आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे।