नटवरलाल राजेंद्र ने 70 लोगों से ठगे डेढ़ करोड़ रुपये
मेरठ। आबूलेन पर राजमहल होटल में केरल के दो परिवारों को नशीला पदार्थ देकर रकम उड़ाने वाला नटवरलाल राजेंद्र छह साल में 70 परिवारों से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। हाल ही में उसने लुधियाना के ग्रीन एंकलेव नकोदर रोड फगवाड़ा में आलीशान कोठी भी बना ली। इसके अलावा आरोपी के अलग-अलग खातों में लाखों की रकम है। रविवार होने की राजेंद्र के 30 खाते सोमवार को फ्रीज किए जाएंगे। पुलिस अभी नटवरलाल के पूरे नेटवर्क की जांच करने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक नटवरलाल राजेंद्र को पकड़ने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस को जानकारी लगी कि आरोपी विज्ञापन देने के बाद लोगों को जाल में फंसाता है। वह ज्यादातर महिलाओं को भरोसे में लेकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से खाते खुलवाकर रकम भेजता है। यह पता लगने के बाद पुलिस ने ऐसी महिलाओं से ही संपर्क किया। एक विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर पुलिस ने एक महिला से कॉल कराई और आरोपी से पांच दिन तक बात की गई। इसके बाद आरोपी को घेराबंदी कर दबोचा गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह केरल के परिवारों को ही सबसे ज्यादा ठग चुका है। इसके अलावा अन्य राज्यों में ऐसी वारदात की हैं। राजेंद्र कितनी महिलाओं और लोगों के संपर्क में रहा, इसके बारे में छानबीन जारी है।
कोठी के दरवाजे नहीं खोले तो पुलिस ने अंदर कूदकर पकड़ा
सदर बाजार पुलिस ने बताया कि आलीशान कोठी में आरोपी अकेला ही रहता था। कोठी में बकायदा सीसीटीवी भी लगवाए गए हैं। जब पुलिस पहुंची तो आरोपी ने दरवाजे नहीं खोले। इसके चलते टीम दीवार कूदकर अंदर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस निकाल रही मुकदमों की कुंडली
पुलिस का कहना है आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी ली जा रही है। इनके आधार पर रिमांड लेकर आगे की विवेचना की जाएगी। अलग-अलग राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि नटवरलाल के पूरे खेल का पता चल सके।
फोरेंसिक लैब में होगी फिंगर प्रिंट की जांच
आबूलेन पर जिस दिन घटना हुई थी, उस दिन पुलिस ने फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट लिए थे। अब आरोपी पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपी राजेंद्र के फिंगर प्रिंट लिए हैं। इनके मिलान के लिए फिंगर प्रिंट को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।
खुद ही घर पर आधार कार्ड तैयार करता था आरोपी
- मामले में विवेचक केके मौर्य के मुताबिक आरोपी जहां भी लोगों से ठगी या लूट करता था, वहां पर फर्जी आधार कार्ड के आधार पर रूम लेता था। वह आधार कार्ड अपने घर पर ही तैयार करता था। उसके घर पर कई मशीनें मिली हैं।
लॉक डाउन में डेढ़ साल तक नहीं बना सका शिकार
पुलिस के मुताबिक 2016 से आरोपी लोगों के साथ ऐसी वारदात कर रहा है, लेकिन वर्ष 2020 के कोविड काल में कुछ महीनों तक उसने वारदात नहीं की, लेकिन अगस्त 2021 के बाद से आरोपी ने फिर से नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ऐंठने का खेल शुरू कर दिया था।
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आरोपी के खातों को फ्रीज कराने के लिए सदर बाजार पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। विवेचना में जो भी नए साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी, मेरठ।