बेमौसम बारिश कहर बरपा रही है। तेज हवा और ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। किसानों की सांसें थम सी गई हैं। शनिवार सुबह बारिश के बाद मौसम खुल गया था, लेकिन शाम को एकाएक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बीच-बीच में ओलावृष्टि भी हुई। पारा भी चार डिग्री सेल्सियस गिर गया है। शहर में जलभराव और कीचड़ से लोग परेशान रहे। बारिश के कारण कई जगह जाम लग गया।
शुक्रवार सुबह से ही मौसम गर्म था। शाम को अचानक आसमान पर काले बादल छा गए। रात से ही रुक-रुक कर बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी गिरे। शनिवार को भी दिन भर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। सुबह से ही बारिश शुरू हो गई और कई बार आसमान साफ हुआ और फिर से बारिश हुई। शाम को शहरी व देहात इलाकों में झमाझम बारिश हुई। मोदीपुरम स्थित आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष ने बताया है कि रविवार को भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सोमवार से मौसम साफ हो सकता है। दो दिन से हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को दिन का अधिकतम 28.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 83 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 50 प्रतिशत दर्ज की गई है। शनिवार सुबह व दोपहर को हवा शांत रही। शाम को 6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। शनिवार को शाम तक कुल 2.4 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। मार्च में अब तक 3.7 मिली मीटर बारिश हुई है।
देहात में लोग परेशान
देहात के इलाकों में बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव ओर कीचड़ की समस्या पैदा हो गई। दुपहिया वाहन चालक फिसलने के कारण घायल हो गए। मटौर गांव में विद्युत लाइन पर बिजली गिरने से लाखों रुपये के उपकरण फुंक गए। खरखौदा क्षेत्र के लालपुर गांव में तेज हवा के कारण बिजली के खंभे टूट गए, जिस कारण हापुड़ रोड पर कई घंटे जाम की स्थिति रही।
दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान सरसों, गेहूं और चने की फसल को हुआ है। तेज हवा से आम के पेड़ों के बोर भी झड़ गए हैं।
बारिश ने खोल दी नगर निगम की पोल
मेरठ। बारिश ने नगर निगम की पोल भी खोल दी। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोग घरों में कैद हो गए। अधिकतर इलाकों में नाली और नाले सड़कों पर बहने लगे। पशुओं के गोबर से नाले और नालियां भरे पड़े हैं। सफाई न होने के कारण ब्रहमपुरी, तारापुरी, मजीद नगर, खुशहालनगर, शौकत कालोनी, मलियाना, किशनपुरा आदि इलाकों में जलभराव हो गया।
परीक्षितगढ़ में जमकर गिरे ओले
परीक्षितगढ़/हस्तिनापुर। परीक्षितगढ़ में ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे मुरझा गए। फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि सरसों और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं हस्तिनापुर में गंगा किनारे मकदूमपुर जलालपुर बस्तौरा, खेड़ी कलां समेत दर्जनों गांवों के किसानों को बारिश से फायदा हुआ है। गेहूं की पिछेती और पलेज के लिए बारिश लाभदायक रही। खेड़ी कलां के किसान रगबीर, तेजपाल, सिरजेपुर के बृजपाल का कहना है कि अगर अब बारिश हुई तो नुकसान होगा।