मवाना। बिबिया मंदिर में चल रही एकांतवास श्रीमद्भागवत कथा में सांतवे दिन कथा वाचक कृष्णा संजय महाराज ने भगवान कृष्ण की लीलाओं को बताया।
महाराज ने गोवर्धन पर्वत के बारे में बताया कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा कर ब्रजवासियों की भारी बारिश से रक्षा की थी। इसके बाद इंद्र को पता लगा कि श्री कृष्ण वास्तव में विष्णु के अवतार हैं और अपनी भूल का एहसास हुआ। महाराज कृष्णा संजय ने अद्भुत रुक्मणी चरित्र भी श्रवण कराया। बताया चराचर जगत में रुक्मणी और राधा का संबंध श्रीकृष्ण से है। संसार रुक्मणी को श्रीकृष्ण की पत्नी और राधा को श्रीकृष्ण की प्रेमिका के रूप में मानता है। आम जगत में रुक्मिणी और राधा की यही पहचान है। राधा और रुक्मणी दोनों ही लक्ष्मी का प्रारूप हैं। परंतु, जहां रुक्मणी देहिक लक्ष्मी है। वहीं दूसरी ओर राधा आत्मिक लक्ष्मी हैं।