सहारनपुर। वर्षों से जर्जर पड़ी मंडल की गन्ना विभाग से जुड़ी 246 सड़कों को अब पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) बनवाएगा। गन्ना विभाग द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद शासन ने उक्त सड़कें पीडब्ल्यूडी को दे दी हैं। इन पर 63.44 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आएगा। मार्च 2024 तक सड़कों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन ज्यादातर सड़कें दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएंगी।
गन्ना विभाग की जिन 246 सड़कों को पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। उनकी कुल लंबाई 281.584 किलोमीटर है। यानी ज्यादातर सड़कें एक से दो किलेामीटर की हैं। इनमें भी ज्यादातर सड़कें शुगर मिलों को जाने वाली हैं, जो ग्रामीण सड़कें हैं। चूंकि चीनी मिलों के मामले में मंडल में मुजफ्फरनगर आगे है। ऐसे में सड़कें भी वहीं सबसे अधिक हैं, जिनकी संख्या 123 और लंबाई 156.83 किलोमीटर है। यानी आधी सड़कें अकेले मुजफ्फरनगर की हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि उक्त में से ज्यादातर सड़कें लंबे समय से जर्जर पड़ी हैं। गन्ना विभाग के पास मरम्मत तक का पैसा नहीं है। ऐसे में शासन ने उक्त सड़कें पीडब्ल्यूडी को दी हैं। सड़कों के निर्माण का कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण में मुजफ्फरनगर में 21.80 करोड़, सहारनपुर में 11.28 करोड़ और शामली में सात करोड़ रुपये की सड़कें बनाई जाएंगी। दूसरे चरण में बाकी के बजट से काम होगा। सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
जनपदसड़कों की संख्या-किलोमीटर-खर्च (करोड़ रुपये में)
मुजफ्फरनगर123156.833381.56
सहारनपुर74-80.1921765.920
शामली49-44.567-1196.780
पांच साल की गारंटी पर बनेंगी सड़कें
गन्ना विभाग की सड़कें अभी तक बनने के एक से दो साल के भीतर टूट जाती थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा बनाना पड़ता था। सड़कें देरी से बनने के कारण लोग लंबे समय तक टूटी सड़कों से ही गुजरते थे, लेकिन अब उक्त 246 सड़कों को लोक निर्माण विभाग बनवाएगा वह भी पांच साल की गारंटी पर।
गन्ना विभाग के स्वामित्व की सहारनपुर मंडल की 246 सड़कें पीडब्ल्यूडी को दी गई हैं। इन सड़कों की लंबाई 281 किलोमीटर से अधिक है, जिन पर 63.44 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आएगा। सड़कों का निर्माण पांच साल की गारंटी के आधार पर होगा। सभी सड़कें मार्च 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
- सीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी