सरधना। गंगनहर पर स्थित गांव भलसोना के जर्जर पुल के मामले में भारतीय किसान यूनियन तोमर गुट और ग्रामीणों ने रविवार को धरना-प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए कांवड़ पटरी पर जाम लगा दिया। मेरठ सदर तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और डीएम को अवगत कराया। तीन दिन में पुल का मरम्मत कार्य शुरू होने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
गंगनहर पर गांव भलसोना का पुल करीब 175 वर्ष पुराना है। देखरेख के अभाव में पुल की हालत जर्जर स्थिति में होने के कारण बारिश में दो फिट जलभराव रहता है। इस पुल से पांच गांव भलसोना, बाड़म, जटपुरा, डूंगर और दबथुवा गढ़ी का संपर्क जुड़ा है। भारी वाहनों के गुजरने के कारण पुल पर कभी भी हादसा होने की संभावना बनी हुई है। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पुल की शीघ्र मरम्मत व नए पुल के निर्माण की मांग को लेकर भाकियू तोमर गुट ने ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन किया।
धरने की सूचना पर थाना प्रभारी रोहटा देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और एसडीएम के आने की जानकारी दी। लेकिन तीन घंटे तक भी एसडीएम नहीं पहुंचे। बाद में जानकारी मिली कि एसडीएम सरधना और एसडीएम सदर अवकाश पर हैं। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पर गुमराह करने का आरोप लगाकर हंगामा किया और गंगनहर के चौधरी चरण कांवड़ पटरी मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहन चालकों से जाम से निकलने को लेकर झड़प भी हुई। हंगामा बढ़ने पर रोहटा व सरधना पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। इसके बाद नायब तहसीलदार सरधना भूपेंद्र कुमार और सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद मेरठ सदर तहसीलदार शैलेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से वार्ता कर डीएम को अवगत कराया। एक्सईएन और डीएम ने तीन दिन में मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया।
जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह जटपुरा के नेतृत्व धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन में जर्जर पुल का मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो फिर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान सुशील प्रधान, मोनू प्रधान बाड़म, सुधीर प्रधान जटपुरा, हरेंद्र सिंह, लीलू त्यागी व अन्य ग्रामीण शामिल रहे।