शामली। नगरपालिका परिषद शामली के सीमा विस्तार का प्रस्ताव दो साल से शासन स्तर पर लटका हुआ है। सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर शहरी क्षेत्र की सीमा में आने क्षेत्रों व गांवों का विकास होगा और वहां पर रहने वाले लोगों को सड़क और बिजली की सुविधाएं मिलेंगी।
नगरपालिका की सीमा विस्तार का प्रस्ताव करीब दो साल पहले शासन को भेजा गया था। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह के कार्यकाल में यह प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव में शहर के नजदीक के तीन गांव खेड़ीकरमू, सिंभालका और मुंडेट कलां को शामिल किया गया है। पश्चिम और दक्षिण दिशा में पूर्वी यमुना नहर को सीमा बनाया गया है। प्रस्ताव शासन स्तर पर ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसके बाद न तो स्थानीय स्तर पर इसकी सुध ली गई और न ही शासन स्तर से इस पर कोई कार्रवाई हुई है।
उधर, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद संगल का कहना है कि पालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव प्रशासन की तरफ से भेजा गया था। पालिका की बोर्ड की बैठक में सीमा विस्तार का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। सीमा विस्तार को लेकर विचार किया जाएगा, फिलहाल नगरपालिका सीमा विस्तार के पक्ष में नहीं है। शहर का क्षेत्रफल पहले ही इतना ज्यादा है कि उसके संपूर्ण विकास के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलता।