मेडिकल के संविदा चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई अगर कोई फिर भी करेगा तो अस्पताल का नाम लिखकर देना होगा , नहीं देने पर होगी कार्रवाई कोरोना की रोकथाम के लिए प्राचार्य जारी किया आदेश मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के संविदा चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी गई है। अगर प्रैक्टिस करना उसकी मजबूरी है तो उसे उस अस्पताल का नाम लिखकर मेडिकल को देना होगा। नहीं देने पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। कोरोना की रोकथाम के लिए प्राचार्य ने आदेश जारी किए हैं। प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि सभी संविदा चिकित्सा शिक्षकों को आदेशित किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों में संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए वे किसी बाहरी नर्सिंग होम या निजी चिकित्सालयों में प्राइवेट प्रैक्टिस न करें, जिससे कि इमरजेंसी और विभिन्न विभागों में कार्यरत चिकित्सकों नर्सेज और अन्य कर्मचारियों को किसी भारी संक्रमण से बचाया जा सके। अगर कोई संविदा चिकित्सक किसी निजी नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करते हैं और वे किसी परिस्थितिवश उसको बंद नहीं कर सकते हैं तो लिखित रूप से उस निजी चिकित्सालय या नर्सिंग होम का नाम प्रेषित करना होगा। अन्यथा की स्थिति में अगर कोई भी विषम परिस्थिति उत्पन्न होती है तो उनके विरुद्ध महामारी (एपिडेमिक) अधिनियम के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है। गौरतलब है कि मेडिकल के स्थायी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं है। संविदा वाले चिकित्सक प्रैक्टिस कर सकते हैं। कुछ करते भी हैं। इन्हीं चिकित्सकों के लिए यह आदेश दिया गया है। दरअसल, कोरोना पॉजिटिव चन्द्रपाल की शनिवार को मौत हो गई थी। वह हापुड़ रोड स्थित सन्तोष अस्पताल में अकाउंटेंट थे। अस्पताल के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ अस्पताल में आने जाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। ऐसी स्थिति मेडिकल में न बन जाए, इसलिए यह कदम उठाया गया है।