मेरठ। गढ़ रोड अक्षय पैलेस में दिव्य भक्तिमय श्रीमद्भागवत कथा हुई। बरसाना से आए श्याम ब्रह्म दास जी महाराज ने बताया कि वर्तमान युग में भक्ति का फल बहुत शीघ्र मिलता है। पहले सतयुग में सैकड़ों वर्षों की तपस्या और पूजा के बाद फल प्राप्त होता था। महाराज श्री ने बताया कि राजा परीक्षित पर किस प्रकार युग का प्रभाव पड़ा।
महाराज श्री ने बताया कि आखेट पर जाते हुए राजा परीक्षित ऋषि के आश्रम में पानी पीने के लिए पहुंचे। ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया। ऐसे में ऋषि पुत्र ने श्राप दिया कि आज से सात दिन बाद आपकी मृत्यु हो जाएगी। ऐसे में राजा परीक्षित ने शुक्र देव मुनि से भागवत कथा का श्रवण किया। भागवत श्रवण से उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ। कथा विश्राम होने पर विशेष रूप से प्रसाद वितरण किया। पौधों का भी वितरण किया गया। रमेश चंद्र बंसल, सुनीता बंसल, विपिन, नितिन, सचिन, बिजेंद्र, राकेश, कन्हैया, नितिन बंसल, विपिन बंसल रहे।
कलशयात्रा के साथ भागवत कथा शुरू
दिल्ली रोड सूर्या पैलेस स्थित शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन किया गया। पिंडदान के बाद कलश यात्रा निकाली गई। कथा स्थल पर गणेश पूजन आरंभ हुआ। कथा में आचार्य आरविंद सेमवाल ने कथा का महत्व बताया। मां त्रिपुरा सुंदरी, मां भगवती नंदा देवी, एकादशी देवी, भगवान चांदनी नागर, भगवान तिनगडिया, भगवान चौरंगी नाथ का पूजन किया गया। शुभम भट्ट, अमीष भट्ट, अनिल भट्ट, रश्मि देवी, भरत राम भट्ट, कौशल्या देवी, धनीराम बंगुड़ा, मंजू देवी, जमना प्रसाद, मनीष देवी आदि रहे।