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Meerut News: आत्महत्या रोकने के लिए सकारात्मक सोच होना जरूरी

Tue, 10 Sep 2024 02:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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शामली। बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद, मानसिक विकार व समस्याओं को लेकर लोग अक्सर तनाव में रहते हैं। इसके चलते डिप्रेशन में आकर आत्महत्या जैसा गलत कदम उठा लेते हैं। वर्तमान दौर में बढ़ रहे तनाव के कारण आत्महत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। जिला अस्पताल के मनकक्ष में हर महीने चार से पांच मामले ऐसे पहुंचते है, जिसमें उनके मन में आत्महत्या करने के विचार आए हैं। मनोचिकित्सकों का कहना है कि सकारात्मक सोच से ही आत्महत्या करने की घटनाओं को रोका जा सकता है।
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मनकक्ष में इस तरह के आ रहे मामले
-27 वर्षीय युवक ने बताया कि वह रोजगार को लेकर परेशान है। इसे लेकर कभी कभी उसके मन में आता है कि आत्महत्या कर ले, लेकिन उसे समझाया गया कि आत्महत्या करना समाधान नहीं है। जीवन में सकारात्मक विचार रखें। इसके बाद वह ठीक हो गया।
-एक महिला ने बताया कि घर में अक्सर किसी न किसी बात को लेकर पारिवारिक विवाद होता रहता है। वह इसे लेकर तनाव में रहती है और उसके मन में आत्महत्या करने का ख्याल आता है। उसे बताया गया कि पारिवारिक विवाद का समाधान कैसे हो, इसके लिए सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करना चाहिए।
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- 35 वर्षीय युवक ने बताया कि उसे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है। कभी कभी ये भी विचार आता है कि आत्महत्या कर ले। उसे समझाया गया कि आत्महत्या करना गलत कदम है। मन में गलत विचार को न आने दे और सही सोच रखे। इसके बाद वह युवक ठीक है।
जिले में इस साल हुई आत्महत्या की घटनाएं
19 मार्च को गांव खेड़ीकरमू में युवक ने घर में फंदे पर लटककर की आत्महत्या।
1 मई को सहारनपुर रोड पर युवक ने की आत्महत्या।
6 मई को गांव लिसाढ़ में युवक ने पेड़ पर फंंदे से लटकर की आत्महत्या
22 जुलाई को कांधला में युवक ने गोली मारकर की आत्महत्या।
12 अगस्त को गांव खेड़ीकरमू में पेड़ पर फंदे से लटकर ग्रामीण ने की आत्महत्या।
26 अगस्त को शामली में किशोरी ने घर में फंदे पर लटककर की आत्महत्या।
मन में नकारात्मक विचारों न आने दे
मनकक्ष में क्लीनिक साइक्लोजिस्ट प्रेरणा पुंडीर का कहना है कि पारिवारिक विवाद, बेरोजगारी, कारोबार प्रभावित होना आदि समस्याओं को लेकर लोग अक्सर तनाव में रहते हैं। समस्याओं को लेकर मन में निराशा का भाव पैदा नहीं होने देना चाहिए। मन में नकारात्मक विचारों को न आने दें। विषम परिस्थितियों में भी उनका मुकाबला करने का हौंसला रखें। सकारात्मक सोच और संघर्षशील लोगों की कहानियां, प्रेरणादायक विषयों को पढ़े व देखे। इससे तनाव काफी हद तक दूर होगा। मानसिक रूप से अगर कोई परेशानी होती है तो मनकक्ष में आए।
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तनाव के लक्षण

जरूरत से ज्यादा अनजाना सा डर बने रहना।

सामान्य दिनचर्या में बदलाव व कामकाज में मन न लगना।

घर से बाहर निकलने में डरना।

घर में अकेले और गुमसुम रहना।

सामाजिक कार्यों में रुचि न होना।

तनाव से बचने के उपाय

मन में सकारात्मक विचार बनाए रखना।

अपनी समस्याओं को दोस्तों और परिचितों के साथ साझा करना।

परिस्थितियों का मुकाबला करने की क्षमता बनाए रखना
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