एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण मेरठ की हवा भी बिगड़ती जा रही है। ग्रेप का चौथा चरण भी रविवार को लागू कर दिया गया। एनसीआर में लॉकडाउन जैसे हालात हैं, हालांकि मेरठ में अभी राहत रहेगी। यहां सख्त नियम लागू नहीं होंगे। जयभीमनगर और बेगमपुल सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। आंखों में जलन, सांस में दिक्कत होने लगी है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बताया कि अभी मेरठ की स्थिति दिल्ली व बॉर्डर से जुड़े जिलों से ठीक है। ग्रेप का चौथा चरण लागू कर दिया गया है, लेकिन इसका असर यहां नहीं पड़ेगा।
मेरठ में अभी वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 तक नहीं पहुंचा। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 359 दर्ज किया गया। जयभीमनगर का एक्यूआई 418, गंगानगर का 349, पल्लवपुरम का 310, दिल्ली रोड का 345, बेगमपुल का 380, हापुड़ चौराहे पर 350 दर्ज किया गया।
दिन-रात का तापमान स्थिर
नवंबर के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक अच्छी ठंड का अहसास नहीं हुआ। दिन का तापमान 29 व रात का 15 डिग्री के आसपास बना है। सुबह-शाम में गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि जल्द दिन व रात के तापमान में तेजी से गिरावट होगी, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा।
प्रतिबंधित ईंधन मिलने पर 3 कोल्हू सील
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने रविवार को आक्खेपुर व सरधना में तीन कोल्हुओं पर छापा मारा। प्रतिबंधित ईंधन मिलने पर इन्हें सील कर दिया गया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि कोल्हू पर प्लास्टिक और चमड़े का प्रयोग किया जा रहा था। कोल्हुओ पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ उनकी बिजली भी कटवाई जाएगी। विद्युत निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।