फेक आईडी, वीडियो एडिटिंग सहित अन्य तरीकों से साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर छात्राओं सहित अन्य महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। वहीं, ठगी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। इसलिए सोशल मीडिया का संभलकर इस्तेमाल करें। छात्राओं को पुलिस अधिकारी से अपनी बातें साझा करने का मौका मिला तो उन्होंने खूब सवाल पूछे। इनका जवाब भी पाया।
घटना छोटी हो या बड़ी, न करें नजरअंदाज
एक छात्रा ने कहा कि यदि कोई फेक आईडी बनाकर या स्कूल, कोचिंग के लिए जाते समय परेशान करे तो क्या करें। डिप्टी एसपी नवीना शुक्ला ने कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए खुद आवाज उठानी होगी। घटना चाहे छोटी हो या बड़ी, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छात्राओं ने साइबर अपराध और एंटी रोमियो से जुड़े सवाल भी पूछे।
हेल्पलाइन नंबर की भी लें मदद
अगर कोई फोन या मेसेज करके, स्कूल-कोचिंग में आते-जाते समय परेशान करे तो हेल्पलाइन नंबर 1090 पर संपर्क करें। इसके अलावा इमरजेंसी के लिए 112 नंबर पर कोई भी डायल कर सकता है।
पेट से ही शुरू हो जाता है अपराध
डिप्टी एसपी ने कहा कि देखा जाए तो पेट से ही अपराध शुरू हो जाता है। भ्रूण हत्या ऐसा ही बड़ा अपराध है। जैसे ही महिला गर्भवती होती है, तो कुछ लोग पता लगाने में जुट जाते हैं कि बेटा है या बेटी। इसलिए अपराध रोकने के लिए घर से ही पहल करनी होगी क्योंकि कुछ परिवारों में आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बेटियों के साथ परिवार या रिश्तेदार अथवा परिचित ही अकसर अपराध करते हैं।
छात्राओं के सवाल और जवाब
साइबर अपराध होने पर क्या करना चाहिए : आरती
किसी घटना का शिकार हों तो उसकी सूचना नजदीकी थाने पर तुरंत देनी चाहिए। थाने पर जाने से कभी भी डरें नहीं, बेझिझक अपनी समस्या बताएं।
कॉलेज से निकलते समय कोई परेशान करता है तो कहां शिकायत करें: अंशू
- हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें, जहां आपकी पहचान गोपनीय रखी जाती है।
-पुलिस वाले ही गलत व्यवहार करें तो कहां शिकायत करें : अरुणिमा
- इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबरों के साथ ही आला अधिकारियों से कर सकती हैं।