बिजनौर। आगजनी और फायरिंग कांड में भाजपा विधायक अशोक राणा के बेटे प्रियंकर राणा का गैर जमानती वारंट हासिल करने के लिए बिजनौर पुलिस ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। वहीं इस केस में सरेंडर करने वाले तीन आरोपियों के पुलिस ने जेल में पहुंचकर बयान दर्ज किए। उधर शाम ढलने से पहले ही इस केस की विवेचना को संभल पुलिस के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस दावा कर रही है कि अब तक की विवेचना में विधायक पुत्र की भूमिका को लेकर पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
बृहस्पतिवार को डीआईजी मुरादाबाद मुनीराज जी ने प्रतिवादी की गुहार पर मामले को संभल के लिए ट्रांसफर कर दिया। अब इस पूरे कांड की जांच संभल पुलिस करेगी। विवेचना ट्रांसफर होने की चर्चा बुधवार की शाम से ही बनी हुई थी, मगर बृहस्पतिवार की दोपहर बाद ही इसकी पुष्टि हो सकी। विवेचना के ट्रांसफर होने को अब विधायक को राहत मिलने के तौर पर माना जा रहा है। जिले का यह बहुचर्चित कांड पिछले 15 दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है।
- ताबड़तोड़ दबिश, पर विधायक और उनके बेटे से दूर रही पुलिस
इस मामले में विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद किया गया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों की पहचान कर ली। अब तक इसमें 11 आरोपियों की पहचान की गई है। जिनके घर पर पुलिस ने लगातार दबिश दी। विधायक के गांव में भी दबिश दी गई मगर पुलिस अब तक नामजद आरोपियों से दूर रही। बताया जा रहा है कि विधायक पिछले कई दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुए थे, एक अन्य कद्दावर भाजपा नेता के भी लखनऊ में उनके संग होने की बातें सामने आई। चर्चा यहां तक है कि विधायक के साथ भाजपा के ही कुछ नेता मुख्यमंत्री से मिले और जांच दूसरे जिले में ट्रांसफर कराने में जुटे रहे। इसे मान भी लिया गया और बृहस्पतिवार की शाम तक जांच संभल जिले में ट्रांसफर भी हो गई।
- जेल जा चुके हैं छह आरोपी
सड़क निर्माण कंपनी के प्लांट में 29/30 अप्रैल की रात मशीनों में तेल छिड़क आग लगा दी गई थी, साथ ही फायरिंग की गई। 30 अप्रैल की शाम छह बजे कंपनी के मैनेजर की ओर दर्ज कराई गई रिपाेर्ट में धामपुर विधायक अशोक राणा और बेटे प्रियंकर राणा को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिनके पास से दो लाइसेंसी रिवॉल्वर, दो पंप एक्शन गन, तीन दर्जन कारतूस और अवैध असलहा भी बरामद किया था। बाद में तीन और आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इस मामले में अब छह आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि पांच आरोपियों के गैर जमानती वारंट हैं। जोकि अभी तक फरार हैं। हालांकि अब पुलिस ने शिकंजा कसते हुए विधायक पुत्र के वारंट हासिल करने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।
- जेल गए आरोपियों की अब रिमांड पर लेने की थी तैयारी
मामले में विवेचक ने बृहस्पतिवार को जेल पहुंचकर सरेंडर करने वाले तीन आरोपियों के बयान दर्ज किए। साथ ही आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारियां भी की जा रही थी, जिससे केस में सबूतों की कड़ियों का मिलान किया जा सके। मगर तैयारियां उस वक्त धरी रह गईं जबकि बिजनौर पुलिस के हाथों से यह केस फिसलकर संभल पहुंच गया।
- डीआईजी के आदेश पर जांच संभल जिले में ट्रांसफर हो गई है। अब संभल पुलिस ही इसकी जांच करेगी। इस जांच में संभल पुलिस का पूरा सहयोग किया जाएगा। - नीरज जादौन, एसपी बिजनौर
अशोक राणा विधायक धामपुर