जानसठ (मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र के गांव काटका व गढ़ी देहात में ईद उल अजहा पर्व पर खुले में कुर्बानी का प्रयास किया गया। काटका में पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को भगा दिया और कुर्बानी रुकवा दी। इसके विरोध में भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने कोतवाली में धरना-प्रदर्शन किया। गढ़ी देहात से चार लोगों को हिरासत में लिया है।
सोमवार को गांव काटका में मुस्लिम समाज के कुछ लोग खुले में कुर्बानी का प्रयास कर रहे थे। यह सूचना पाकर कवाल पुलिस चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों को लाठी फटकार कर भगा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से मुस्लिम समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया।
भाकियू तोमर से जुड़े मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं की सूचना पर भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में गांव में ही दोपहर को बैठक की। शाम चार बजे भाकियू तोमर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा होकर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि कवाल पुलिस चौकी प्रभारी को हटाया जाए। कोतवाली प्रभारी ने चौकी प्रभारी को हटवाने का आश्वासन दिया। खुले में कुर्बानी नहीं करने की हिदायत दी। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
उधर, गांव गढ़ी देहात में खुले में कुर्बानी का प्रयास पुलिस ने विफल कर दिया। कुर्बानी रोकते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। सीओ जानसठ राम आशीष यादव ने कहा कि काटका में कुछ लोग खुले में कुर्बानी का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने चारों तरफ कपड़ा नहीं लगाया था। यहां कुर्बानी को रोका गया था। गढ़ी देहात में भी इसी प्रकार के प्रयास के चलते चार लोगों को पकड़ा गया है। माहौल शांत है। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।