फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: न शिकायत पर जागी पुलिस, अब हत्यारोपियों की घेराबंदी में भी पीछे

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र में रविवार रात न्यूटिमा हॉस्पिटल के सामने सरेराह रिटायर्ड दरोगा प्रमोद त्यागी के इंजीनियर बेटे विमल त्यागी उर्फ शैंकी की हत्या के मामले में अभी तक आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। विमल ने आरोपियों से जान का खतरा जताते हुए 20 सितंबर को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 23 दिन बाद उसकी हत्या कर दी गई।
विज्ञापन

जागृति विहार निवासी प्रमोद त्यागी यूपी पुलिस में दरोगा के पद से रिटायर हैं। बेटा विमल नोएडा में निजी मोबाइल कंपनी में इंजीनियर था। रविवार शाम शैंकी के दोस्त गौरव तेवतिया और नीरज उर्फ पिंटू राठी घर से बुलाकर ले गए थे। ये लोग न्यूटिमा हॉस्पिटल के सामने एक चाय की दुकान पर पहुंचे। यहां भावनपुर क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी संजय और उसके भाई मोनू, कंकरखेड़ा निवासी विशाल और सागर व मेडिकल क्षेत्र निवासी सुनील फौजी लाठी-डंडों और चाकू से विमल पर हमला कर दिया था। अस्पताल में विमल की मौत हो गई थी।
विमल ने संजय मानपुर को कारोबार करने के लिए 80 हजार रुपये उधार दिए थे। कई बार वापस मांगने पर भी वह रुपये वापस नहीं कर रहा था। जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया था। दो सितंबर को संजय मानपुर ने विमल और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमे में कोई कार्रवाई नहीं की। तभी से संजय मानपुर अपने साथियों संग विमल से बदला लेने की फिराक में था। उसने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर संजय व उसके भाई मोनू और भांजे विशाल से जान का खतरा जताया था। तब भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि आरोपियों की तलाश में कई टीम लगाई गई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस प्रकरण में मेडिकल थाना पुलिस की लापरवाही की जांच भी कराई जा रही है।


संजय के खिलाफ दर्ज हैं कई मुकदमे
संजय के खिलाफ मेडिकल थाने में अपहरण, छेड़छाड़, जानलेवा हमले समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। खुलेआम फायरिंग करने का उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद भी पुलिस का उसे संरक्षण प्राप्त था। वह पुलिस के लिए मुखबिरी करता था। जिसकी वजह से उसकी तमाम पुलिसकर्मियों से नजदीकी थी।

हिस्ट्रीशीटर अमित मरिंडा के खिलाफ किया ट्वीट
हत्या के इस मामले में नौचंदी थाने हिस्ट्रीशीटर अमित मरिंडा का नाम भी सामने आ रहा है। विमल ने उसके खिलाफ एक अक्तूबर को एक्स पर ट्वीट भी किया था। अमित मरिंडा की इस मामले में क्या भूमिका है, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। अमित मरिंडा का गैंग डीसीआरबी में कुछ दिन पहले ही पंजीकृत हुआ है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें