मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव में मामा की शादी में आई सवा दो साल की मासूस की हत्या हुई या वो किसी जानवर का शिकार बनी। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस को अभी तक ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जिससे ये मान लिया जाए कि बच्ची का अपहरण करके हत्या की गई है। हिरासत में लिए गए तीनों लोगों के खिलाफ कोई सुबूत अब तक नहीं मिल पाया है। उनको पुलिस की निगरानी में घर भेज दिया गया है।
लोहियानगर थाना क्षेत्र की कॉलोनी निवासी युवक की बरात भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव में आई थी। रात को शादी की रस्में हो रहीं थीं। शादी में दूल्हे की गाजियाबाद निवासी बहन-बहनोई सवा दो साल की बेटी और छह साल के बेटे के साथ आए थे। फेरों के समय परिवार के सभी लोग मकान की दूसरी मंजिल पर चले गए। दोनों बच्चों को घर के बाहर सड़क किनारे तख्त पर सुला दिया। रात दो बजे लोग नीचे आए तो देखा बच्ची तख्त पर नहीं थी। बच्ची की तलाश की लेकिन पता नहीं चला।
सुबह पांच बजे के करीब जयभीमनगर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर आने-जाने वाले लोगों ने बच्ची का शव देखा तो परिजन और पुलिस को जानकारी हुई। बच्ची के शरीर पर जगह-जगह घाव के निशान थे। इस मामले में बच्ची के मामा ने शिवकुमार, आसिफ और अरुण के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म करने के बाद हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बच्ची के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के दौरान पोस्टमार्टम कराया गया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। बच्ची के शरीर पर मिले घाव जानवर की तरह नोचे जाने वाले थे। बच्ची को रात को तीन बजे एक महिला ने अकेले रोते हुए जाते देखा था। ऐसे में यही आशंका जताई जा रही है कि चौराहे से आगे गांव के आखिरी छोर पर बच्ची को कोई जंगली जानवर तो नहीं उठा ले गया। बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने जांच की लेकिन कुछ खास नहीं मिला। एसपी देहात कमलेश बहादुर का कहना है कि विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।