मेरठ। सूर्यापुरम कॉलोनी में पिटबुल और राॅटविलर कुत्तों ने दो बच्चों पर हमला कर दिया। एक बच्चे को बचाने के दौरान पिटबुल ने बच्चे के मामा को भी रोड पर घसीट दिया। घायल बच्चों का अस्पताल में उपचार कराया गया। एक बच्चे के परिजनों ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने कुत्तों को मकान की छत पर बंद करा दिया है। घटना से कॉलोनी वासियों में दहशत है। करीब छह महीने पहले काॅलोनी में कुत्ते के काटने से एक किशोर की मौत हो गई थी।
दिल्ली रोड स्थित सूर्यापुरम कॉलोनी निवासी महेश गौतम का साढ़े सात साल का बेटा वंश गौतम अपने मामा राहुल के साथ कॉलोनी में ही रहने वाले अपनी चाची दीपा के घर जा रहा था। रास्ते में कॉलोनी में रहने वाली लेखू ने अपने पिटबुल और दो अन्य कुत्तों को खुला छोड़ रखा था। जैसे ही वंश वहां पहुंचा तो पिटबुल ने वंश पर हमला कर दिया। उसे नीचे गिरा कर उसकी पीठ को काटकर लहूलुहान कर दिया। 18 वर्षीय उसके मामा राहुल ने वंश को बचाने का प्रयास किया तो कुत्ते ने उस पर भी हमला कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के लोग और दुकानदार ने दोनों को बचाया।
वंश की मां अर्चना ने डायल-112 को सूचना दी। खबर मिलने पर पुलिस ने मौके पर जाकर जानकारी ली। लोगों ने बताया कि पिटबुल और अन्य कुत्तों को खुला छोड़ देते हैं, जिससे वह लगातार लोगों पर हमला कर रहा है। बाद में वंश के पिता महेश गौतम ने शॉप्रिक्स मॉल पुलिस चौकी पर कुत्ते के मालिक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने पिटबुल और दो अन्य कुत्तों को छत पर बंधवा दिया।
नाना के घर बच्ची पर हमला
कॉलोनी में ही एक राॅटविलर नस्ल के कुत्ते ने आठ साल की बालिका दिशी पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। कॉलोनी में सतीश मलिक के यहां उनकी नाती दिशी रहने आई है। सतीश ने राॅटविलकर कुत्ता पाल रखा है। शाम करीब चार बजे दिशी कुत्ते के साथ खेल रही थी, अचानक कुत्ते ने उसके चेहरे पर हमला कर घायल कर दिया।
शिकायत मिलने पर पकड़े जाएंगे कुत्ते
नगर निगम के प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि सूर्यापुरम में दो बच्चों पर हमले की उन्हें सूचना नहीं है। परिजन शिकायत करेंगे तो दोनों कुत्तों को पकड़वाया जाएगा। मंगलवार को निगम की एक टीम को मौके पर भेजा जाएगा।
रोजाना 10-12 लोगों को काटने की मिल रही शिकायत
शहर से लेकर देहात तक कुत्तों का आतंक है। आवारा और पालतू दोनों तरह से कुत्ते नागरिकों पर लगातार हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। नगर निगम में ही शहर में रोजाना 10-12 लोग कुत्ते काटने की शिकायत कर रहे है। यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है, क्योंकि जिला अस्पताल में कुत्ते काटने पर रोजाना करीब 130-150 लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवा रहे है।