फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: लोग बोले थे खड़ी ना हो पाएगी... प्रीति ने पेरिस में भरा फर्राटा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। कभी जिस प्रीति पाल के जन्म पर उसके असामान्य पैर देखकर लोगों ने कहा था कि खड़ी नहीं हो पाएगी, हासमपुर की उसी बेटी ने पेरिस पेरालंपिक में कांस्य पदक का फर्राटा भरा। पिता अनिल कुमार और मां बालेश की खुशियों का ठिकाना नहीं। कहते हैं कि बेटी ने आज सारे जमाने की खुशियां दे दीं। बेटियां किसी से कम नहीं।
विज्ञापन

हासमपुर की प्रीति पाल ने पेरिस में सौ मीटर दौड़ में कांस्य जीता, लेकिन उनके घर सोने जैसी खुशियां छा गई। पिता अनिल पाल कहते हैं कि बेटी जन्में तो पैर असाधरण थे। जिसका जितना ज्ञान थी, उसने उतनी ही बातें कही। पैर पर प्लास्टर चढ़वाया गया। कुछ दिन बाद विशेष जूते बनवाए गए। जिसने जहां बताया, वहीं इलाज के लिए पहुंच गए। वो दिन बेहद मुश्किलों थरे थे।
मेरठ लोक निर्माण विभाग में कार्यरत पिता ऋषिपाल सिंह ने हिम्मत दी। कक्षा पांच तक की पढ़ाई प्रीति ने बहसूमा से की, लेकिन इसके बाद वह मेरठ के गंगानगर में दादा के पास चली गई। यहीं से उसकी जिंदगी बदलनी शुरू हुई। प्रीति ने खेल शुरू किया तो सबके मन में सवाल ही सवाल थे, लेकिन प्रीति का हौंसला देखकर घर में कोई मना नहीं कर सका। कामयाबी की जिद में उसने दौड़ना शुरू किया तो उसका नतीजा पेरिस में बेटी का पदक जीतने तक पहुंंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें