मेरठ। पुलिस प्रशासन की लापरवाही से लोगों की जान खतरे में है। बृहस्पतिवार को जगह-जगह कट बंद किए जाने की वजह से शारदा रोड आवास से केएमसी अस्पताल जाने में डाॅ. प्रतिभा गुप्ता को एक घंटा लग गया। वह पुलिस वालों से कहती रहीं कि मरीज को देखने जा रहे हैं, लेकिन उनको जाने नहीं दिया गया। कई किलोमीटर घूमकर जैसे तैसे वह अस्पताल पहुंचीं। इससे मरीज की जान जाते-जाते बची। वहीं बेगमपुल, हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर तीसरे दिन भी रहे जाम के हालात बने रहे।
कावड़ यात्रा के चलते पुलिस प्रशासन ने शहर के कट बंद कर दिए हैं। अस्पतालों के आसपास भी यह नहीं देखा गया कि मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर कहां से जाएंगे। ट्रैफिक के अधिकारियों ने किसी भी रोड पर घूमकर यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि चंद कदमों की दूरी को दूसरी साइड जाने वाला व्यक्ति कितने किलोमीटर जाकर पार करेगा। सबसे बुरा हाल दिल्ली रोड पर है। मोहकमपुर और देवलोक के लोगों को दूसरी साइड जाने के लिए कई किलोमीटर दूर टीपीनगर गेट से होकर आना पड़ रहा है। शारदा रोड पर रहने वाले लोग आखिर कहां से जाएं शारदा रोड पर रहने वाले लोगों की आफत आ गई। फुटबाल चौक तक रास्ता पहले ही बंद है। दिल्ली चुंगी से टीपीनगर की तरफ वनवे हो चुका है, यह रोड पहले से ही बहुत संकरी है। ऐसे में लोगों के पास सीओ ब्रह्मपुरी पुराना ऑफिस होते हुए मेट्रो प्लाजा के सामने वाला रास्ता बचता है। लेकिन पुलिस ने मेट्रो प्लाजा के सामने भी बैरिकेडिंग करके कट को बंद कर दिया है। शारदा रोड पर रहने वाले सत्यम का कहना है कि पुलिस अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि यहां से लोग जाएंगे तो कहां से निकलेंगे।
सब्जी-फलों को भी तरसे लोग
रास्ते बंद होने के कारण लोग सब्जी और फलों को भी तरस रहे हैं। पिछले पांच दिन से पल्लवपुरम, मोदीपुरम के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। नौकरी पेशे वाले लोग भी घरों में कैद हैं। पल्लवपुरम फेस-दो की नीतू सिंह ने बताया कि पिछले पांच दिन से सब्जी और फल नहीं मिल रहे हैं। काम से मेरठ भी जाना था, लेकिन रास्ते इतने बंद हैं कि बाइक और कार तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। इंजीनियर अक्षय ठाकुर ने बताया कि नोएडा भी नहीं जा पा रहे हैं।
पूरे शहर में बने रहे जाम के हालात
पूरे शहर में दिनभर जाम के हालात बने रहे। वनवे व्यवस्था शहर में शहर में जब से लागू हुई है तब से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यूं तो दो महीने से कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस अधिकारी मंथन कर रहे थे, लेकिन व्यवस्था जब धरातल पर उतरी तो व्यवस्था चौपट हो गई। सभी प्वाइंटों पर लगे यातायात पुलिसकर्मी भी जाम खुलवाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर सभी कट बंद होने के चलते लंबे जाम से लोगों को जूझना पड़ रहा है। मोदीपुरम से लेकर रुड़की रोड पर भी जाम की स्थिति बनी रही। दिल्ली रोड पर केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, बहादुर मोटर्स और माधवपुरम तक जाम लगता रहा। कुछ कुछ लोगों ने रेलवे रोड चौराहे से वाहनों को जैन नगर के लिए मोड़ लिया। जिसके बाद जैन नगर से बागपत रोड होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर में पहुंचे। वहीं भूमिया का पुल, लिसाड़ी रोड, हापुड़ अड्डे पर भी लोग भीषण जाम में फंसे रहे।
इन्होंने कहा
शहर में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराया जा रहा है। वनवे होने से वाहन सही निकल रहे है। कुछ देर के लिए यातायात जरूर धीमी गति से चला होगा, लेकिन जाम की स्थिति कहीं नहीं बनी। - जितेंद्र श्रीवास्तव एसपी यातायात मेरठ
रूट डायवर्जन के चलते घटी यात्रियों की संख्या
कांवड़ यात्रा के चलते रोडवेज बसों का भी रूट डायवर्जन किया गया है। इससे मेरठ से दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा, बुलंदशहर आदि रूटों पर यात्रियों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। रोडवेज को इसके चलते नुकसान उठाना पड़ा है। बृहस्पतिवार को कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के कारण दिल्ली से आने वाली बसों को किठौर के बाद किला परीक्षितगढ़ की ओर होकर निकाला गया। इससे 10 से 15 किमी की दूरी और बढ़ गई और यात्रियों को करीब 20 रुपये और अतिरिक्त किराया देना पड़ा। एआरएम अरविंद कुमार ने बताया कि हरिद्वार रूट पर भी यात्रियों की संख्या कम रही। दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा, बरेली आदि रूटों पर भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले 50 प्रतिशत तक ही रह गई है।
औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स की लगाई डयूटी
औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने प्लानिंग तैयार कर ली है। मंदिर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। मंदिर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। पीएसी, आरआरएफ, क्यूआरटी की टीम भी लगाई गई है। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि पुलिस फोर्स की डयूटी लगा दी गई है। सीओ, इंस्पेक्टर दारोगा, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल की डयूटी भी लगा दी गई है।