मेरठ। खांडसारी इकाई (क्रेशर) चीनी मिलों के साथ चलाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और सिवालखास विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रहे मनिंदरपाल सिंह ने साफ कह दिया है कि ये आदेश शुगर लॉबी के दबाव में लिया गया है। अगर इस आदेश को शुक्रवार को वापिस नहीं लिया गया तो वे हजारों किसानों के साथ शनिवार को कमिश्नर का घेराव करेंगे।
उप चीनी आयुक्त मेरठ सुभाष चंद्र ने मंडल के सभी खांडसारी निरीक्षक को पत्र भेजा है कि आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार जब तक नौ प्रतिशत परता नहीं आएगा तब तक या फिर चीनी मिलों के चलने तक खांडसारी इकाइयों का संचालन नहीं होगा। उन्होंने तत्काल खांडसारी इकाइयों का निरीक्षण कर नौ प्रतिशत परता नहीं आने तक इन पर रोक लगाने के लिए कहा है। गन्ना विभाग के इस आदेश का विरोध शुरू हो गया है। को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और सिवालखास विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रहे मनिंदरपाल सिंह का कहना है कि खांडसारी इकाइयां किसान चलाते हैं, ये किसान विरोधी आदेश है। गन्ना विभाग शुगर लॉबी से मिला हुआ है, ऐसे तो खांडसारी क्रेशर चल ही नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा है कि गन्ना मंत्री का भी ऐसे मामले में भी चुप्पी साधे रखना सवाल खड़ा कर रहा है। इस तरह का आदेश पारित करके गन्ना विभाग के अफसर भाजपा सरकार को बदनाम करना चाहते हैं।