हस्तिनापुर। अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की प्रदेश सचिव प्रीति धामा ने नववर्ष को लेकर कहा कि यह अंग्रेजी नववर्ष हमारी सनातनी परंपरा में नहीं है। हिंदू नववर्ष 19 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होगा जो प्रकृति परिवर्तन और जीवन चक्र से जुड़ा हुआ है। भारत में हजारों वर्षों से वैदिक परंपरा का पालन हो रहा है। ऐसे में विदेशी परंपराओं को अपनाकर अपनी मूल पहचान को नहीं भूलना चाहिए और अपनी सनातनी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए अपनी संस्कृति, त्योहारों और भारतीय सनातनी नववर्ष को उत्साहपूर्वक मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन का उद्देश्य सनातन संस्कृति को प्रचार प्रसार करके हिंदू राष्ट्र बनाना है। क्योंकि भारतीय संस्कृति ही विश्व को सही दिशा दे सकती है।