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Meerut News: मानसिक बीमारी को स्वीकार करेंगे, तभी होगा इलाज

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-अंधविश्वास की वजह से लोग झाड़फूंक के चक्कर में पड़ रहे
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-मानसिक बीमारी को बता रहे ऊपरी साया
-100 मरीज तक मानसिक बीमारियों के रोजाना मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही अस्पताल में मानसिक मानसिक रोग विशेषज्ञ मरीजों को दवाई दे रहे हैं। मगर लोग अंधविश्वास के चक्कर में मनोरोगियों का झाड़फूंक से इलाज करा रहे हैं। जागरूकता के अभाव में लोग मानसिक बीमारियों को बढ़ा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मेडिकल अस्पताल में मानसिक समस्या के रोजाना 100 मरीज तक पहुंच रहे हैं।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस आज मनाया जा रहा है। मानसिक बीमारियों के बारे में जागरूकता लाने के लिए सरकार कार्यक्रम भी चला रही है। काफी संख्या में लोग मानसिक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीजों को सिर दर्द, तनाव, सिजोफ्रेनिया बीमारी से ग्रसित आ रहे हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञ इसका कारण परिवार का सही माहौल नहीं होना बता रहे हैं।
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पारिवारिक कलह की वजह से लोग आत्महत्या करने तक की कोशिश कर रहे हैं। मानसिक बीमारी से निजात के लिए दवाई से ज्यादा परिवार का अच्छा माहौल है। बल्कि लोग दवाई और अच्छे माहौल के बजाय झाड़फूंक पर विश्वास कर रहे हैं। जिससे समस्या कम नहीं होती, बल्कि बढ़ रही है।

केस नंबर एक
सहसपुर निवासी एक महिला ने अपने दो माह के बच्चे को मार दिया। चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टपार्टम साइकोसिस एक मानसिक बीमारी है। जो बच्चे के जन्म के बाद कुछ महिलाओं में दिखाई देती है। ध्यान नहीं देने पर ऐसी बड़ी घटना हो सकती है।

केस नंबर दो
रेहड़ के एक निवासी छात्रा काशीपुर उत्तराखंड से एनिमेशन से बीए कर रही थी। पढ़ाई के तनाव के चलते उसने छत के कुंडे से दुपट्टे से लटक कर आत्महत्या कर ली।
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इन मानसिक बीमारियों के अधिक मरीज आ रहे-
-तनाव
-एंग्जायटी डिसऑर्डर
-बाइपोलर डिसऑर्डर
-स्किज़ोफ्रेनिया
-ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी)
-मिर्गी
-माइग्रेन
-पोस्टपार्टम साइकोसिस

मानसिक बीमारियों के लक्षण-

-सिर में दर्द होना

-नींद में कमी होना

-उदास होना

-भूख कम लगना, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होना
-ठीक से समझने या बोलने में परेशानी होना

-आत्महत्या के विचार आना
-सामान्य चीजें समझाने में दिक्कत होना


मानसिक बीमारियों से बचाव-

-नियमित रूप से व्यायाम करें

-अच्छी नींद लें

-सकारात्मक सोच रखें
-शाम को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें

-परिवार के साथ जुड़ें
-परिवार के किसी सदस्य को अपनी समस्या बताएं


जागरूकता के अभाव में लोग मानसिक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत मानसिक रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। परिवार के सहयोग से भी मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। काफी संख्या में मानसिक बीमारियों से ग्रसित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।....डॉ. नितिन कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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